द लीडर हिंदी के 15 अगस्त पर ख़ास मेहमान होंगे विनोद राठौड़, सलमा आग़ा, इस्माईल दरबार

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द लीडर : दुनिया में सबसे प्यारी कोई चीज़ है तो वो आज़ादी है. भारत उस आज़ादी का मोल जानता है. इसलिए 15 अगस्त 1947 की उस सुबह से लेकर आज तक हर हिंदुस्तानी अपनी आज़ादी पर फ़ख्र करता आ रहा है. उन लाखों बलिदानियों को नमन करता है, जिन्होंने इस आज़ादी के लिए अपनी ज़िंदग़ी क़ुर्बान कर दी. आज़ादी का जश्न यूं तो हमेशा से ख़ास रहा है लेकिन इस बार जब भारत स्वतंत्रता का 75वां महोत्सव मना रहा है. तो उसमें कई चीज़ें शानदार हैं. आज़ाद भारत में शायद पहली बार देश के हर घर की छत पर शान से तिरंगा लहराता नज़र आएगा. (15th August Independence Day)

आज़ादी के इस 75वें जश्न को यादगार बनाने की मुहिम में “द लीडर हिंदी” ने भी एक ख़ास पेशकश का इरादा किया है. बॉलीवुड के उन चुनिंदा सितारों की महफ़िल सजाने का, जिन्होंने अपने गीत-संगीत और अदाकारी से लाखों-करोड़ों लोगों को दीवाना बनाया है. जिनकी आवाज़ ने सरहदों के पार भी मुहब्बत का जादू बिखेरा है. मशहूर गीतकार, बेहतरीन अदाकारा और प्रोड्यूसर सलमा आगा (Singer and Actress Salma Agha) के साथ मशहूर सिंगर विनोद राठौर (Singer Vinod Rathod) और नामचीन मम्यूजिक डायरेक्टर इस्माईल दरबार (Ismail Darbar) द लीडर हिंदी के मेहमान होंगे. उनके आगमन पर बरेली स्टूडियो में ख़ास कार्यक्रम रखा गया है.

अस्सी के दशक की मशहूर फ़िल्म निकाह की निलोफर, सलमा आगा कमाल की शख़्सियत हैं. कराची में पैदा हुईं, लंदन में पली-बढ़ीं और भारत को कर्मभूमि बनाया. अस्सी और नब्बे के दशक में रिलीज़ हुईं कई बेहतरीन फ़िल्मों में सलमा आग़ा ने शानदार अभिनय की छाप छोड़ी है. फ़िल्म पंच फौलादी की जूली, जंगल की बेटी में बेला का उनका किरदार बेमिसाल है. दिल के अरमां आंसुओं में बह गए, हम वफ़ा करके भी तन्हा रह गए…सलमा आग़ा का गाया यह सदाबहार गीत आज भी लोग गुनगुनाते हैं. (15th August Independence Day)


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सलमा आगा के नाम कई अवार्ड हैं. बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर कैटागिरी में फ़िल्म फेयर अवार्ड मिला है. बेस्ट एक्ट्रेस के रूप में भी फ़िल्म फेयर अवार्ड के लिए नामित हो चुकी हैं.

शारूहख़ ख़ान की फ़िल्म दीवाना को वो गीत, जो 90 के दशक से लेकर आज तक लड़के-लड़कियों की ज़ुबान पर छाया रहता है, ऐसी दीवानगी देखी नहीं कहीं….इसके सिंगर विनोद राठौर हैं. दीवाना फ़िल्म का उनका दूसरा गाना है-कोई न कोई चाहिए, प्यार करने वाला….शाहरूख़ ख़ान की ब्लॉकबस्टर फ़िल्म बाज़ीगर का गाना-किताबें बहुत से पढ़ी होंगी तुमने, बता मेरे चेहरे पे क्या-क्या लिखा है. 90 के दशक की इन दोनों फ़िल्मों के गानों ने वाकई में तीन दशकों तक लोगों को अपना दीवाना बनाए रखा और आज भी बनाए है. जिसका एक गीत है-समझकर चांद जिसको आसमां ने दिल में रखा है, मेरे महबूब की टूटी हुई चूड़ी का टुकड़ा है….विनोद राठौर ने खलनायक फिल्म का खलनायक हूं समेत कई मशहूर फ़िल्मों में शानदार गीत गाए हैं.

तीसरे मेहमान इस्माईल दरबार हैं जो म्यूजिक डायरेक्टर हैं. इस्माईल दरबार ने लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल, बप्पी लहरी, राजेश रोशन, आनंद-मिलिंद, नदीम-श्रवण, जतिन-ललित और एआर रहमान जैसे चोटी के कलाकारों के साथ काम किया है. हम दिल दे चुके सनम-फ़िल्म के लिए इस्माईल दरबार को संगीत के नैशनल अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है. 1999 में आरडी बर्मन अवार्ड मिला था और अभी 2021 में वर्ल्डस अमेज़िंग टैलेंट अवार्ड से नवाज़ा गया है. (15th August Independence Day)

आज़ादी के 75वें महोत्सव पर द लीडर हिंदी के सुधि पाठक और श्रोता हमारे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन सदाबहार कलाकारों की पेशकश को देख सकेंगे. द लीडर हिंदी के यू-ट्यूब चैनल पर लाइव स्ट्रीमिंग देख सकेंगे. इसके अलावा आप द लीडर हिंदी के फेसबुक पेज पर भी बॉलीवुड की इन बेहतरीन शख़्सियत को देख पाएंगे. ट्वीटर, इंस्टाग्राम, कू-एप, एमएक्स प्लेयर समेत दूसरे प्लेटफॉर्म के ज़रिये हम 15 अगस्त की पेशकश आप तक पहुंचाएंगे.


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