पूजा खेडकर अब भविष्य में भी नहीं बन पाएंगी IAS-IPS, इस वजह से छीन ली गई अफसरी

द लीडर हिंदी : पिछले कई दिनों से विवादों में घिरी ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर अब IAS नहीं रही. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने पूजा खेडकर पर एक्शन लेते हुए उनकी अस्थायी उम्मीदवारी को रद्द कर दिया है. इसके अलावा खेडकर पर भविष्य में होने वाली किसी भी परीक्षा में शामिल होने पर रोक लगाई गई है. दरअसल सिविल सर्विसेस में सिलेक्शन के लिए पहचान बदलने और विकलांगता सर्टिफिकेट में गड़बड़ी की आरोपी पूजा खेड़कर बताई गई है.जिसके बाद अब वो IAS नहीं रही हैं.यहीं नहीं UPSC ने पूजा का सिलेक्शन भी रद्द कर दिया है. बतादें 2023 बैच की ट्रेनी IAS ऑफिसर पूजा खेडकर के खिलाफ UPSC ने FIR दर्ज कराई थी. UPSC ने आरोप लगाया था कि पूजा ने पहचान बदल-बदलकर UPSC की तय सीमा से ज्यादा बार सिविल सर्विसेस का एग्जाम दिया.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पूजा के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी, आईटी एक्ट और डिसेबिलिटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है. इसके अलावा UPSC ने पूजा को नोटिस जारी कर सिलेक्शन कैंसिल करने को लेकर भी जवाब मांगा है.UPSC ने कहा कि पूजा के खिलाफ गहन जांच की गई। इसमें पाया गया कि उन्होंने अपना नाम, माता-पिता का नाम, सिग्नेचर, फोटो, ईमेल ID, मोबाइल नंबर और एड्रेस बदलकर UPSC का एग्जाम दिया.आपको बताते चले पूजा पर ट्रेनिंग के दौरान पद का गलत इस्तेमाल करने और खराब आचरण करने का आरोप लगा था. सबसे पहले पुणे के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर सुहास दिवासे ने पूजा के खिलाफ शिकायत की थी, जिसके बाद उनका ट्रांसफर वाशिम कर दिया गया था. इसके बाद पूजा खेडकर पर पहचान छिपाने और OBC, विकलांगता कोटे के दुरुपयोग करने का आरोप लगा.

केंद्र की कमेटी इसकी जांच कर रही है.16 जुलाई को पूजा की ट्रेनिंग रोक दी गई और उन्हें मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (LBSNAA) वापस बुला लिया गया.खेडकर के तमाम दस्तावेजों की जांच के आधार पर यूपीएससी ने खेडकर को सीएसई-2022 नियमों के उल्लंघन करने का दोषी पाया.

बतादें यूपीएससी ने पहले ही इस एक्शन के संकेत दिए थे. हाल ही में यूपीएससी ने पूजा खेडकर के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया था. इस नोटिस में पूछा गया था कि क्यों न पूजा खेडकर की सिविल सेवा परीक्षा-2022 की उम्मीदवारी को रद्द किया जाए। यूपीएससी ने इस बाबत एफआईआर भी दर्ज कराई थी.https://theleaderhindi.com/vikas-divyakirti-and-khan-sir-trapped-in-delhi-coaching-accident-know-who-said-what/

आपको बता दें कि पूजा को 25 जुलाई तक ही इस कारण बताओ नोटिस का जवाब देना था. लेकिन पूजा ने ज़रूरी दस्तावेज़ जुटाने के लिए 4 अगस्त तक का समय मांगा था. लेकिन यूपीएससी ने पूजा को 30 जुलाई तक का ही समय दिया था. हालांकि पूजा दिए गए वक़्त में कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं दे पाईं. जिसके बाद यूपीएससी ने मौजूद रिकॉर्ड्स की जांच की और पूजा खेडकर को दोषी पाया.

Abhinav Rastogi

पत्रकारिता में 2013 से हूं. दैनिक जागरण में बतौर उप संपादक सेवा दे चुका हूं. कंटेंट क्रिएट करने से लेकर डिजिटल की विभिन्न विधाओं में पारंगत हूं.

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