मौलाना तौक़ीर रज़ा के गठबंधन में नहीं आएंगे ओवैसी, आख़िर क्यों गवारा नहीं हुआ साथ

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द लीडर हिंदी : भारत में 18वीं लोकसभा के सदस्यों के चुनाव के लिए अप्रैल और मई 2024 तक लोकसभा चुनाव होने की उम्मीद है.सामान्य तौर पर भारत में हर पांच साल बाद लोक सभा चुनाव होते हैं और अभी तक कुल 17 चुनाव हो चुके हैं.लोकसभा का कार्यकाल 16 जून 2024 को खत्म होने वाला है. पिछला लोकसभा चुनाव अप्रैल-मई 2019 में हुए थे.बता दें चुनाव नजदीक है ऐसे में राजनीतिक फिजा काफी गरम हो चुकी है.सभी दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गए है. जिसको लेकर बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी ने साफ़ कर दिया है, उन्हें मौलाना तौक़ीर रज़ा ख़ान का साथ गवारा नहीं है. वो यूपी में मौलाना से अलग चलेंगे. इसका एलान आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लेमीन AIMIM ने सात सीटों पर उम्मीदवार उतारने की बात से कर दिया है.

अब मतलब साफ है कि असदुद्दीन ओवैसी की क़यादत वाली AIMIM चुनाव में IMC प्रमुख मौलाना तौक़ीर रज़ा ख़ान की अगुवाई वाले गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी. बता दें मौलाना तौकीर रजा दो मर्तबा असदुद्दीन ओवैसी को दावत देने की बात कह चुके हैं.

बता दें मौलाना तौकीर रजा और असदुद्दीन ओवैसी में चुनाव गठबंधन को लेकर बात बनती दिखाई नहीं दे रही है. वही मौलाना तौकीर रजा ने चेतावनी भरे लफ़्ज़ों में यह भी साफ कर दिया था कि शायद हमें ओवैसी साहब छोटा दल समझ रहे हैं. लेकिन हमारे मोर्चे के बग़ैर वो चुनाव नहीं जीत पाएंगे.वही मौलाना की इस गुज़ारिश को नज़रअंदाज़ करके AIMIM ने यूपी की सात सीटों फिरोज़ाबाद, बदायूं, संभल, मुरादाबाद, अमरोहा, मेरठ, आज़मगढ़ से चुनाव में उतरने का एलान किया है. यह जानकारी AIMIM प्रवक्ता आसिम वक़ार ने दी है. वही अब मतलब पूरी तरह साफ़ है कि मुसलमानों की नुमाइंदगी का दम भरने वाले दो मुस्लिम क़ाइद के सियासी रास्ते जुड़ने की कोशिशों के बीच अलग हो गए हैं.

बता दें दोस्ती के लिए बढ़ाए हाथ को असदुद्दीन ओवैसी ने ठुकरा दिया है तो फिर मौलाना तौक़ीर रज़ा ख़ान ने भी यह मान लिया कि राह जुदा हो गई. वजूद दिखाने की इस लड़ाई में मौलाना कुछ न कुछ तो ज़रूर करेंगे. ख़ासतौर से रुहेलखंड में जिन सीट से AIMIM उम्मीदवार उतारने जा रही है, उनमें बदायूं, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा में मौलाना का भी असर है. बदायूं सीट मौलाना के ज़िले बरेली से सटी हुई है और संभल में चंद रोज़ पहले ही दुनिया को अलविदा कहने वाले सांसद शफ़ीक़ुर्रहमान बर्क़ से मौलाना का बेहद अपनाईयत वाला रिश्ता रहा है. आल इंडिया इत्तेहादुल मुस्लेमीन IMC के पहले प्रदेशाध्यक्ष बर्क़ साहब ही थे. बहरहाल जानकारी के मुताबीक शफ़ीक़ुर्रहमान बर्क़ की सीट से भी ओवैसी चुनाव लड़ेंगे.