द लीडर हिंदी : केंद्र की मोदी सरकार के वक़्फ़ क़ानून में बदलाव का बिल लाने से उलमा-ए-कराम बेचैन हैं और नारज़गी भी जता रहे हैं. इस बिल को बदलाव से पहले संसद की संयुक्त कमेटी के हवाले कर दिया गया है, जिसका सदर जगदम्बिका पाल को बनाया है. वो जब मुंबई पहुंचे तो वहां उन्होंने इस्लाम जिमख़ाना में उलमा-ए-कराम से बात की.







