जानिए कहां देखते ही देखते ताश के पत्तों की तरह ढह गए मकान

द लीडर हिंदी : देश के राज्यों में इनदिनों कुदरत का कहर बरपा है. कही बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए है. तो कही नदियां उफान पर है. तो कही भूस्खलन से कई लोगों ने अपनी जाने गंवा दी. वही उत्तराखंड के टिहरी में भारी बारिश लोगों पर कहर बनकर टूट रही है.बूढ़ाकेदार के समीप बालगंगा नदी तट पर बनी तीन मकान देखते ही देखते ताश के पत्ते की तरह ढह गए. लोगों ने मौके से भागकर जान बचाई. वहीं बालगंगा का जलस्तर बढ़ने से लोग खौफजदा हैं.आपको बता दें टिहरी ज़िले में शुक्रवार रात भारी बारिश की वजह से बाल गंगा नदी में उफान आ गया. भारी बारिश से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.ज़िले में बूढ़ा केदार क्षेत्र के तोली गांव में भूस्खलन होने से एक मां-बेटी की मौत हो गई है.एसडीआरएफ़ ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे में दबी सरिता देवी (40) और अंकिता (15) के शव बरामद किए हैं.वही टिहरी के आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने बताया कि सरिता देवी के पति वीरेंद्र लाल ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई.एसडीआरएफ के सेनानायक मणिकांत मिश्रा ने भारी बारिश के चलते एसडीआरएफ़ की टीम को बूढ़ा केदार क्षेत्र में ही कैंप करने के निर्देश दिए हैं.बताया जा रहा है कि टिहरी ज़िले में भिलगंना ब्लॉक के बूढ़ा केदार क्षेत्र में गेंवाली, तोली, जखाणा, विसन, और तिनगढ़ में ग्रामीणों की कृषि भूमि का एक बड़ा क्षेत्र बाल गंगा नदी बहा ले गई है.

बता करें बालगंगा नदी में समाए मकान की तो प्रदेश में बारिश जमकर हो रही रही है. सड़कों पर मलबा आने से ट्रैफिक थम गया है और बारिश की वजह से कई घर जमींदोज हो गए हैं. वहीं टिहरी जिले में भारी बारिश से बालगंगा नदी उफान पर बह रही है. बालगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से भूकटाव की घटनाएं बढ़ गई हैं. वहीं बूढ़ाकेदार के समीप बालगंगा नदी तट पर बनी तीन मकान ढह गए.वही बीते दिन से ही मकानों के नीचे बालगंगा नदी का कटाव जारी था आज नदी के कटाव से मकानों की नींव हिल गई और मकान भरभराकर गिर गया. वहीं बीते दिन भी बारिश ने बालगंगा तहसील के विनयखाल क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी. जहां विनयखाल जखाना मोटर मार्ग का कई हिस्सा वॉश आउट होकर नदी में समा चुका है. जिससे लोगों का जिले और मार्केट से संपर्क कट गया है.

बता दें कि टिहरी के घनसाली के तौली गांव में बीती रात भारी बारिश से हुए भूस्खलन से एक मकान जमींदोज हो गया. मकान में सो रही मां और बेटी की मलबे में दबने से मौत हो गई. जिसके बाद सूचना पाकर मौके पर पहुंची राहत बचाव टीम ने दोनों शवों को मलबे से निकाला और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा. वहीं घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है.https://theleaderhindi.com/what-happened-in-the-niti-aayog-meeting-that-mamata-banerjee-left-midway/

Abhinav Rastogi

पत्रकारिता में 2013 से हूं. दैनिक जागरण में बतौर उप संपादक सेवा दे चुका हूं. कंटेंट क्रिएट करने से लेकर डिजिटल की विभिन्न विधाओं में पारंगत हूं.

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