Haryana : गुरुग्राम में नमाज के विरोध में जय श्रीराम की नारेबाजी, हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी

द लीडर : Gurugram Sloganeering Against Namaz. हरियाणा के गुरुग्राम में खुले में नमाज के विरोध का सिलसिला बना है. शुक्रवार को सेक्टर-12 में नमाज स्थल के पास जय श्रीराम के नारे लगाए गए. इसको लेकर पुलिस ने हिंदूवादी संगठनों से जुड़े कुछ लोगों को हिरासत में लिया है. गुरुग्राम में अक्टूबर के हर शुक्रवार को खुले स्थलों पर नमाज का विरोध हो रहा है. तब, जबकि स्थानीय प्रशासन ने सिविल सोसायटी की सहमति पर नमाज के लिए ये स्थल चिन्हित किए थे. (Gurugram Sloganeering Against Namaz)

आज यानी शुक्रवार को जुमे की नमाज के वक्त कई संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता और स्थानीय लोग नमाज के विरोध में इकट्ठा हुए और प्रदर्शन करने लगे. चूंकि हिंदुत्ववादी संगठनों की ओर से पहले ही नमाज को लेकर चेतावनी दी जा चुकी थी. और विरोध भी किया जा रहा था. इसलिए पुलिस प्रशासन अलर्ट था. और नमाज स्थलों के आस-पास सुरक्षाबल तैनात था.

इसी सप्ताह विभिन्न संगठनों का एक संयुक्त प्रतिनिधि मंडल गुरुग्राम प्रशासन से मिला था. इंडियन एक्सप्रेस ने इसको लेकर विस्तार से एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी. जिसमें प्रतिनिधि मंडल के हवाले से कहा गया था कि, खुले में नमाज किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं. नमाज मस्जिदों में पढ़ी जाए. अगर पुलिस-प्रशासन नहीं रोकेगा, तो फिर हम अपने स्तर से देखेंगे.


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संगठनों की इसी चेतावनी को लेकर पुलिस-प्रशासन ज्यादा एक्टिव है. दोनों पक्षों के साथ मिलकर मामले का हल तलाश करने की कोशिशें भी जारी हैं. लेकिन विरोध के स्वर थम नहीं रहे हैं. Gurugram Sloganeering Against Namaz

हरियाणा में 2018 में खुले में नमाज का विरोध शुरू हुआ था. तब प्रशासन ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर कुछ स्थल तय किए थे. जहां मुस्लिम समुदाय को जुमे की नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी. तब से यहां शांति बनी है. लेकिन इधर कुछ दिनों से अचानक विरोध का सिलसिला चल पड़ा है.

गुरुग्राम जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष का एक बयान है, जिसमें उन्होंने कहा कि, इलाके में 5 लाख के करीब मुस्लिम आबादी है. मस्जिदें सीमित हैं. जो बाहर के मेहनकश-कामकाजी लोग हैं, वे इन जगहों पर मजबूरन नमाज अदा करने आ जाते हैं. क्योंकि मस्जिदों में जगह नहीं है. Gurugram Sloganeering Against Namaz

गुरुग्राम के विवाद का मामला मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर तक जा पहुंचा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खट्टर ने स्पष्ट रूप से कहा था कि, सभी को प्रार्थना का हक है. स्थानीय प्रशासन ने जो स्थान तय किए हैं. वहां कोई रुकावट नहीं होगी. मुख्यमंत्री के बयान के बाद ही गुरुग्राम प्रशासन ने सख्ती दिखाई है. और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है.

हालांकि ये मामला हर रोज पेचीदा होता जा रहा है. स्थानीय निवासियों और संगठनों के विरोध ने प्रशासन की चुनौतियां बढ़ा दी हैं. Gurugram Sloganeering Against Namaz

 

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