हिंदू पक्ष में जश्न का माहौल, ज्ञानवापी परिसर में पूजा का मिला अधिकार, वाराणसी कोर्ट ने सुनाया फैसला

द लीडर हिंदी: ज्ञानवापी मामले में वाराणसी कोर्ट ने आज बड़ा फैसला सुनाया है. यहां हिंदूओं को पूजा का अधिकार मिला. बता दें ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकार मिला. वाराणसी कोर्ट में हिंदू पक्ष को बड़ी जीत हासिल हुई है.जिसके बाद जश्न का माहौल है. इस मामले में पहले कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली थी.अब यह बड़ा फैसला आया है.

सात दिन में पूजा का अधिकार बहाल करते हुए जिला अदालत के आदेश पर अमल करने के लिए प्रशासन को कहा गया है. बता दें यूपी की वाराणसी कोर्ट में व्यवस्था खाने में पूजा का अधिकार हिंदू पक्ष को दे दिया है. हिंदू पक्ष की तरफ से व्यासजी तहखाने में नियमित पूजा के अधिकार की मांग की गई थी. इस मामले में कोर्ट ने सुनवाई पहले ही पूरी कर ली थी. वही बुधवार को वाराणसी जिला कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया. बता दें इसमें कहा गया कि हिंदू पक्ष व्यास जी तहखाने में नियमित पूजा कर सकते हैं

कोर्ट का फैसला आते ही हिंदू पक्ष ने कहा कि काशी अब बम बम बोल रहा है. वहीं, हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि यह हमारी सबसे बड़ी जीत है.राम मंदिर के बाद ज्ञानवापी पर हिंदूओं के पक्ष में फैसला जाने से खुशी का माहौल है.वही मुस्लिम पक्ष के दावे को कोर्ट ने नकार दिया है. कोर्ट ने वाराणसी के जिलाधिकारी को 7 दिनों के अंदर पूजा की व्यवस्था करने का आदेश दिया है.

बता दें साल 1992 तक व्यास जी तहखाने में पूजा नियमित तौर पर होती थी. लेकिन 6 दिसंबर 1992 को हुए बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद व्यास जी तहखाने में नियमित पूजा को बंद करने का आदेश दिया गया था. इसके बाद यहां पर सालाना माता श्रृंगार गौरी की पूजा हो रही थी.अब इस फैसले के बाद हिंदू पक्ष यहां पूजा पाठ कर सकेगा.

ज्ञानवापी स्थित व्यासजी के तहखाने में पूजा किए संबंधी आवेदन पर जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में दोनों पक्ष की तरफ से मंगलवार को बहस पूरी कर ली गई थी। अदालत ने इस प्रकरण में बुधवार को अपना आदेश सुनाया. तहखाने में पूजा करने की अनुमति मिल गई है.

वही मंगलवार को अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की तरफ से कोर्ट में अधिवक्ता मुमताज अहमद और एखलाक अहमद ने कहा था कि व्यासजी का तहखाना मस्जिद का हिस्सा है. वहां पूजा की इजाजत नहीं दी जा सकती. यह मुकदमा पूजा स्थल अधिनियम से बाधित है. वक्फ बोर्ड की संपत्ति तहखाना है. इस लिहाज से वहां पूजा-पाठ कि अनुमति न दी जाए.

Abhinav Rastogi

पत्रकारिता में 2013 से हूं. दैनिक जागरण में बतौर उप संपादक सेवा दे चुका हूं. कंटेंट क्रिएट करने से लेकर डिजिटल की विभिन्न विधाओं में पारंगत हूं.

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