CBI ने कोर्ट में दाखिल की पांचवी और आखिरी चार्जशीट, कहा- दिल्ली सीएम शराब नीति साजिश में शामिल

द लीडर हिंदी : दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जहां जमानत के लिए कोर्ट का चक्कर लगा रहे हैं. जिसके चलते उन्हें संभवत 10 सितंबर तक इंतजार करना पड़ेगा.लेनिक इसी बीच दिल्ली शराब नीति घोटाले में अब CBI ने अपनी जांच पूरी कर ली है. जांच एजेंसी ने राउज एवेन्यू कोर्ट में अपनी पांचवी और आखिरी चार्जशीट भी दाखिल कर दी है.जिसकी वजह से सीएम केजरीवाल की मुश्किलें और भी बढ़ सकती है. दरअसल दिल्ली शराब घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कोर्ट में नई चार्जशीट दाखिल की है. जिसमें उनको मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है. चार्जशीट में बताया गया है कि केजरीवाल शराब नीति के निर्माण और बदलाव के लिए आपराधिक साजिश में शामिल थे.यहीं नहीं इस दायर चार्जशीट में CBI का आरोप है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शराब नीति बनाने और उसे लागू करने के आपराधिक साजिश में शुरू से ही शामिल रहे थे. वे पहले से ही शराब नीति के प्राइवेटाइजेशन का मन पुरी तरह से बना चुके थे.

बतादें CBI की दायर चार्जशीट के अनुसार बीते मार्च 2021 में जब तत्कालीन डिप्टी CM मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता में शराब नीति तैयार की जा रही थी, तब केजरीवाल ने कहा था कि पार्टी को फिलहाल पैसों की सख्त जरूरत है. सिसोदिया इस मामले में अब सह-आरोपी हैं. उन्होंने अपने करीबी और AAP के मीडिया और संचार प्रभारी विजय नायर को फंड जुटाने का काम भी सौंपा था.

इसके साथ ही CBI ने चार्जशीट में कहा, ‘‘केजरीवाल के करीबी सहयोगी और आम आदमी पार्टी (आप) के मीडिया एवं संचार प्रभारी तथा सह-आरोपी विजय नायर दिल्ली में शराब कारोबार के विभिन्न हितधारकों से संपर्क साध रहे थे और अनुकूल आबकारी नीति के बदले उनसे अवैध रिश्वत की मांग कर रहे थे।” ‘आप’ ने इन आरोपों से साफ इनकार किया है.

आपको बता दें केजरीवाल को दिल्ली शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ED ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था. फिर CBI ने भ्रष्टाचार मामले में उन्हें तिहाड़ जेल से ही 26 जून को गिरफ्तार किया था.सुप्रीम कोर्ट ने 12 जुलाई को ED मामले में केजरीवाल को अंतरिम जमानत दे दी, लेकिन भ्रष्टाचार मामले में वे जेल में हैं. सुप्रीम कोर्ट ने 5 सितंबर को CBI केस में गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर फैसले सुरक्षित रख लिया है.

वहीं, उनके करीबी विजय नायर को 2 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है. नायर लगभग दो साल बाद जेल से बाहर आए हैं. CBI ने उन्हें नवंबर 2022 में गिरफ्तार किया गया था. नायर से पहले मनीष सिसोदिया को 9 अगस्त और BRS नेता के कविता को 27 अगस्त को जमानत मिली थी.

CBI का दावा है कि विजय नायर ने साउथ ग्रुप से 100 करोड़ वसूले नायर दिल्ली एक्साइज बिजनेस के स्टेकहोल्डर्स के संपर्क में थे. वे शराब नीति में उन्हें फायदा देने के बदले पैसों की मांग करते थे. नायर वो जरिया थे, जिन्होंने केजरीवाल के लिए BRS नेता के. कविता की अध्यक्षता वाले साउथ ग्रुप के लोगों से डील की.

नायर ने ही शराब नीति में फायदा देने के बदले में साउथ ग्रुप के लोगों से 100 करोड़ रुपए वसूले थे. दो अन्य आरोपियों- विनोद चौहान और आशीष माथुर के माध्यम से इन पैसों को गोवा भेजा गया.

एजेंसी बोली- CM के कहने पर गोवा विधानसभा चुनाव में पैसा खर्च हुआ CBI का आरोप है कि केजरीवाल ने ही साउथ ग्रुप से वसूले 100 करोड़ रुपए गोवा विधानसभा चुनाव में खर्च करने का निर्देश दिया था. इसलिए वे चुनाव के दौरान गलत तरीके से कमाए पैसों का इस्तेमाल करने के भी जिम्मेदार हैं, क्योंकि इसका फायदा आम आदमी पार्टी को ही मिला है.

एजेंसी के मुताबिक, साउथ ग्रुप ने अपने हिसाब से शराब नीति बनवाने के लिए AAP को करीब 90 से 100 करोड़ रुपए दिए थे. इसमें से 44.5 करोड़ कैश चुनाव-संबंधी खर्चों को पूरा करने के लिए गोवा भेजे गए थे.

बता दें दो पूर्व विधायकों ने चुनाव में पार्टी से पैसे मिलने का दावा किया सीबीआई के मुताबीक AAP के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने वाले गोवा के दो पूर्व विधायकों ने आरोप लगाया है कि उन्हें एक पार्टी वालंटियर ने चुनाव खर्चों के लिए कैश दिए थे. एजेंसी ने अवैध रुपए लेने और उसके इस्तेमाल के लिए AAP के गोवा प्रभारी दुर्गेश पाठक को भी जिम्मेदार ठहराया है.

एजेंसी का दावा है कि शराब नीति के तीन स्टेकहोल्डर्स- शराब निर्माताओं, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं का एक गुट तैयार हुआ था. सभी ने अपने-अपने फायदे के लिए नियमों का उल्लंघन किया. पब्लिक सर्वेंट्स और साजिश में शामिल अन्य आरोपियों को आर्थिक लाभ मिला, लेकिन सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ.https://theleaderhindi.com/brij-bhushan-got-angry-over-vinesh-and-bajrang-punia-joining-congress-said-bhupinder-hooda-wrote-the-entire-script/

  • Abhinav Rastogi

    पत्रकारिता में 2013 से हूं. दैनिक जागरण में बतौर उप संपादक सेवा दे चुका हूं. कंटेंट क्रिएट करने से लेकर डिजिटल की विभिन्न विधाओं में पारंगत हूं.

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