सपा विधायकों ने काले कपड़े पहनकर किया नई नियामावली का विरोध, तो भड़क गए बृजेश पाठक।

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UP Vidhansabha Winter Session: यूपी विधानमंडल का चार दिवसीय सत्र मंगलवार से शुरू हो गया है। सत्र के पहले दिन नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ औऱ नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा के दिवंगत नेता आशुतोष टंडन को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उनके निधन से हम सभी दुखी हैं हम उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, साथ ही रालोद और सुभासपा समेत अन्य दलों ने भी भाजपा के दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी।

बता दें कि विधानसभा का शीतकालीन सत्र नई नियमावली के साथ शुरू हुआ। सपा विधायकों ने इसका विरोध किया और सदन में काले कपड़े पहन कर पहुंचे। इसके साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया।

शिवपाल यादव ने यूपी सरकार पर कसा तंज

सपा विधायक शिवपाल सिंह यादव ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर सरकार की नाकामियों के गिनाते हुए कहा कि यूपी सरकार, बिजली पानी और सड़क के मोर्चे पर पूरी तरीके से असफल साबित हुई है। सरकार खेती किसानी और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी नाकाम हुई है। सरकार सदन चलाने से भागती हैं और संवाद नहीं करना चाहती हैं।

सपा विधायकों के काले कपड़ों पर भड़के बृजेश पाठक

विधानसभा सत्र के पहले दिन सपा विधायकों के काले कपड़े पहनकर सदन में आने पर उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होने कहा कि समाजवादी पार्टी के विधायकों ने शोक प्रस्ताव के दिन काले कपड़े पहनकर घृणित कार्य किया है। प्रदेश की जनता इन्हे कभी माफ नहीं करेगी। इनके कुकृतियों को प्रदेश की जनता अच्छी तरह समझ चुकी है। सपा के डीएनए में गड़बड़ी और अराजकता है।

योगी सरकार पर अखिलेश यादव ने बोला हमला

वहीं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जातीय जनगणना के बगैर सामाजिक न्‍याय नहीं हो सकता है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी यह बड़ा मुद्दा रहेगा। योगी सरकार नहीं चाहती कि हम जनता के सवाल उठाएं। यह सरकार विपक्ष का सामना नहीं करना चाहती है। इसीलिए शीतकालीन सत्र कम दिनों का रखा गया ताकि सदन में चर्चा न हो सके। सरकार विपक्ष के सवालों से बचना चाहती हैं।

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि यह सरकार विपक्ष के सभी सवालों का जवाब दे, इसी से लोकतंत्र मजबूत होगा। अखिलेश ने आरोप लगाया कि यह सरकार युवाओं को रोजगार नहीं दे रही है। बिजली महंगी है। आवारा जानवर सड़क पर घूम रहे हैं। अभी तक धान खरीदने का कोई इंतजाम नहीं किया गया है।

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