यूपी के बाद अब उत्तराखंड सरकार भी कराएगी मदरसों का सर्वे, क्या बोले सीएम पुष्कर धामी

द लीडर : उत्तर प्रदेश में मदरसों का सर्वेक्षण हो रहा है. इसी बीच उत्तराखंड सरकार ने भी अपने यहां संचालित मदरसों के सर्वे का इरादा ज़ाहिर किया है. मुख्यमंत्री पुष्कम सिंह धामी ने कहा कि मदरसों का सर्वे बहुत ज़रूरी है. हम इनका सर्वे कराएंगे. क्योंकि ये सभी संस्थाएं ठीक होनी चाहिए. देहरादून पहुंचे धामी ने पत्रकारों के बातीचीत में ये कहा है. (Madrasa Survey UP Uttarakhand)

इस बीच उन्होंने यह भी जोड़ा कि मदरसों को लेकर वक़्त-वक़्त पर तमाह तरह की बातें सामने आती रहती हैं. उन बातों की हक़ीक़त जानने के लिए जांच आवश्यक है. अभी राज्य में कोई 103 मदरसे संचालित हैं.

दरअसल, यूपी सरकार ने राज्य के मदरसों का सर्वे कराने का फ़ैसला किया है. और ज़िला स्तर पर गठित टीमें सर्वे में जुट गई हैं. पांच अक्टूबर तक सर्वे करके ज़िला स्तरीय टीमें डीएम को अपनी रिपोर्ट सौंप देंगी, जो 25 अक्टूबर तक शासन को भेजी जाएगी.


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मदरसा संचालक, राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने मदरसों के सर्वे कराने पर सख़्त नाराज़गी जताई है. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी, मौलाना अरशद मदनी, हैदराबाद से सांसद असदुद्​दीन ओवैसी और तमाम दूसरे संगठनों के पदाधिकारी सर्वे की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं.(Madrasa Survey UP Uttarakhand)

दारूल उलूम देवबंद के प्रिंसिपल मौलाना अरशद मदनी ने सवाल किया कि, मदरसों का ही सर्वे क्यों? दूसरे संस्थानों का क्यों नहीं कराया जा रहा है. संवैधानिक रूप से हमें धार्मिक शिक्षा का अधिकार हासिल है.

इससे पहले असदुद्​दीन ओवैसी मदरसा सर्वे को मिनी एनआरसी करार दे चुके हैं. इस तर्क के साथ कि मुसलमानों को परेशान करने के लिए ये सब किया जा रहा है.

जमीयत उलमा-ए-हिंद मदरसा संचालकों के साथ एक मीटिंग कर चुका है. और इस संबंध में एक और बैठक निर्धारित कर रखी है. जिसमें मदरसा सर्वे के ख़िलाफ़ किसी ठोस नतीज़े पर पहुंचने का निर्णय लिया जाना है.

इसी बीच उत्तराखंड सरकार ने मदरसों के सर्वे की इच्छा ज़ाहिर की है. तो केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह बिहार में मदरसों का सर्वे कराए जाने की ज़रूरत जता चुके हैं. (Madrasa Survey UP Uttarakhand)

असम में पहले से ही मदरसों को लेकर हिमंता बिस्वा सरमा की सरकार काफ़ी सख़्त रवैया अपनाए हुए है. और बीते अगस्त महीने में तीन मदरसों को कथित रूप से ग़ैरक़ानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों संरक्षण देने के आरोप में तोड़ा चुका है. असम में लगातार मदरसों के शिक्षक और टीचर्स की धरपकड़ जारी है. और अब तक मदरसों से जुड़े दर्जनों लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.

इसलिए मदरसों पर एक अलग तरह का विवाद गहराता जा रहा है. और मुस्लिम समुदाय इन सारी कार्यवाहियों को मदरसों को बदनाम करने के तौर पर बयान कर रहा है. (Madrasa Survey UP Uttarakhand)


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