किसान आंदोलन के लिए कहाँ से आ रहा है फंड?

किसान आंदोलन

छह फुट लंबे संदीप सिंह फतेहगढ़ साहिब से बीस लोगों के साथ प्रदर्शन में शामिल होने आए हैं. बीस लोगों का उनका दल दो ट्रॉलियों में आया है.

उनके समूह से चार लोग वापस गांव जा रहे हैं और उनके बदले आठ लोग आ रहे हैं.

संदीप कहते हैं, “मेरा तीन एकड़ गेहूँ की बुआई रह गई थी. मेरे गांव के लोगों ने मेरे पीछे वो फसल वो दी है.” उन्होंने कहा है कि हम यहां डटे रहें, हमारे पीछे खेती के सारे काम होते रहेंगे.

संदीप जैसे दसियों हज़ार किसानों ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को हरियाणा से जोड़ने वाली सीमाओं पर डेरा डाल दिया है. वो ट्रॉलियों और ट्रकों से आए हैं और सड़क पर ही जम गए हैं.

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