संघ प्रमुख मोहन भागवत की नसीहत-‘मस्जिदों में हर रोज़ शिवलिंग क्यों खोजते हो भाई’

द लीडर : मस्जिद, दरगाहों में शिवलिंग और मंदिरों के निशान खोजने का जो ख़तरनाक सिलसिला चल पड़ा है. उस पर सरकार तो नहीं लेकिन संघ प्रमुख मोहन भागवत की नसीहत ज़रूर आई है. भागवत ने कहा कि हर मस्जिद में शिवलिंग क्यों देखना है. हर रोज़ एक नया मामला निकालना ठीक नहीं, ऐसा नहीं करना चाहिए. हमको आपस में झगड़ा क्यों लगाना है. राम जन्मभूमि को लेकर हमारा आंदोलन था और अब भविष्य में संघ किसी मंदिर के आंदोलन में शामिल नहीं होगा. नागपुर में आरएसएस के शिक्षा वर्ग समापन समारोह में संघ प्रमुख ने बयान दिया है.

संघ प्रमुख का ये बयान ऐसे वक़्त में आया है, जब भारत में अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थल निशाने पर हैं. ज्ञानवापी मस्जिद का मामला कोर्ट में है. जहां वजूखाने में कथित शिवलिंग का दावा किया जा रहा है. इसके बाद मथुरा की शाही ईदगाह, लखनऊ की टीले वाली मस्जिद के मामले कोर्ट पहुंच चुके हैं. अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों पर दावे यहीं नहीं थमते. बल्कि अजमेर की दरगाह ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ के परिसर में भी मंदिर का दावा करते हुए जांच की मांग कर दी गई. देश के अलग-अलग हिस्सों ये ऐसे दावे और मांगों का सिलसिला चल पड़ा है. जिसमें मुस्लिम समुदाय अपनी इबादगाहों की सुरक्षा को लेकर फिक्रमंद हो गया है.

इससे पहले रमज़ान में एक ख़तरनाक हिंसक पैटर्न देखने मिल चुका है. जब मस्जिदों देश के मध्यप्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, उत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात, यूपी और दिल्ली की मस्जिदों पर भगवा झंडे लगाए गए या कोशिशें की गईं. मस्जिदों के बाहर नंगे हथियार लहराते हुए मुसलमानों को अपमानित करने वाले गाने बजाए गए और नारे लगाए. इसके जवाब में दिल्ली, एमपी, राजस्थान, गुजरात और उत्तराखंड में हिंसक घटनाएं हुईं. एमपी के खरगौन में एक मुस्लिम व्यक्ति की मौत भी हो गई.

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने संबोधन में दोहराया है कि मुसलमान कहीं और से नहीं बाए बल्कि उनका संबंध भारत से है. बिना नाम लिए कहा कि मुसलमानों की अभी अपनी पूजा है, हमारे यहां किसी पूजा का विरोध नहीं है. सबके प्रति पवित्रता की भावना है.

लेकिन संघ प्रमुख के इ बयान के बरअक्स चीजें या माहौल वैसा नज़र नहीं आता है. जब वह सबके प्रति पवित्रता की भावना का भाव ज़ाहिर करते हैं. उसी वक़्त में पैग़ंबर-ए-इस्लाम के ख़िलाफ भाजपा प्रवक्ता नुपूर शर्मा के अभद्र कमेंट को लेकर मुस्लिम समाज में आक्रोश है. नुपूर शर्मा उस पार्टी से संबंध रखती हैं, जिसका मातृ संगठन संघ को माना जाता है. नुपूर शर्मा के ख़िलाफ मुंबई में एफआईआर दर्ज हुई है. लेकिन पार्टी या सरकार की ओर से अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया.

इसको लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों से विरोध-प्रदर्शन और थानों में शिकायतें दर्ज कराने के मामले सामने आ रहे हैं. बरेली में शुक्रवार को पुराना शहर में नमाज़ के बाद प्रदर्शन हुआ. जहां सैकड़ों की भीड़ ने एक सुर में नुपूर शर्मा के ख़िलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है. उधर इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौक़ीर रज़ा ने 10 जून को धरना देने का ऐलान किया है. मौलाना ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेजे मांग पत्र में नुपूर शर्मा केा पार्टी से बर्खास्त करने और सरकार द्वारा कार्रवाई की मांग उठाई है.

Abhinav Rastogi

पत्रकारिता में 2013 से हूं. दैनिक जागरण में बतौर उप संपादक सेवा दे चुका हूं. कंटेंट क्रिएट करने से लेकर डिजिटल की विभिन्न विधाओं में पारंगत हूं.

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