द लीडर हिंदी : यूपी के ज़िला बरेली में शाही थाने के गांव ग़ौसगंज में जब ज़्यादातर लोग सोने की तैयारी कर रहे थे, अपशब्द सन्नाटे को तोड़ने लगे. पथराव और फिर मारपीट होने लगी. लड़ने वाले दो अलग संप्रदायों के थे, जिससे खलबली मच गई. चीख़-पुकार के बीच फोन घुमाए जाने लगे. थोड़ी ही देर में पुलिस की गाड़ियों के हूटर और फिर फोर्स के जूतों की आवाज़ सुनाई देने लगी. इससे दोनों संप्रदायों के घरों में हो रहा शोरशराबा मध्यम पड़ गया. पथराव, मारपीट, तोड़फोड़ करने वाले पुलिस से बचने के लिए गांव से बाहर की तरफ भागते दिखाई दिए. पुलिस ने इनमें कुछ को पकड़ भी लिया. शाही पुलिस ने मौक़े की नज़ाकत को भांपकर अफसरों को सूचना दी. इसके बाद आसपास के थानों शीशगढ़, मीरगंज, फतेहगंज पश्चिमी और शेरगढ़ से भी फोर्स ग़ौसगंज पहुंच गया.

एसपी दक्षिणी मानुष पारीक और फिर एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्र भी आ गए. उस घर पर जाकर जहां तोड़फोड़ हुई थी, घटना के बारे में जानकारी की. साफ हुआ कि कुंदनलाल के घर में मस्जिद के बराबर वाले घर की छत से टॉर्च की रोशनी डाली गई थी. कुंदनलाल के बेटे की दो दिन पहले ही शादी हुई है. आंगन में बहू महिलाओं के साथ खाना खा रही थीं. टॉर्च की रोशनी का विरोध जताने के बाद ही बात इतनी बड़ी कि गांव अखाड़े में तब्दील हो गया. मिश्रित आबादी दो धड़ों में बंट गई. ग़नीमत रही कि पुलिस ने पहुंचने में तत्परता दिखाई. फिर भी पूर्व प्रधान हीरालाल के बेटे तेजराम समेत कई लोग घायल हुए हैं. कुंदनलाल के घर का दरवाज़ा तोड़ दिया गया.
पुलिस ने पीआरडी जवान बख़्तावर समेत क़रीब एक दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया है. कहा तो यह जा रहा है कि विवाद के पीछे दो दिन पहले ताज़िया देवस्थान के पास रखने को लेकर एतराज़ जताया जाना, वजह बना है लेकिन द लीडर हिंदी ने जब शाही और गौसगंज में कुछ लोगों से बात की तो उनका कहना था कि मस्जिद के बराबर वाले घर की छत पर कुछ बच्चे खिलौना टॉर्च से खेल रहे थे. उसी दौरान रोशनी कुंदनलाल के आंगन तक चली गई. इस पर कुंदनलाल ने कम उनके पड़ोसी जिसका नाम मन्नू बताया जा रहा है, उन्होंने ज़्यादा विरोध जताया. गाली-गलौच से विवाद बढ़ गया. तब दोनों संप्रदाय के लोग आमने-सामने आ गए.

ग़ुस्से में गांव के सौहार्द को रौंद दिया. ख़ैर पुलिस गांव में मुस्तैद है. पकड़-धकड़ का सिलसिला जारी है. मुक़दमा भी दर्ज किया जा रहा है लेकिन इस बीच राजनीति भी शुरू हो गई है. नाथ नगरी सुरक्षा समूह के प्रमुख दुर्गेश कुमार गुप्ता की अगुवाई में कलेक्ट्रेट पहुंच कर प्रदर्शन किया गया. दूसरी तरफ एएसपी दक्षिणी मानुष पारीक ने गौसगंज को लेकर स्थिति साफ की है. बताया है कि वहां क्या एक्शन लिया गया है.





