द लीडर हिंदी: गर्मी से फिलहाल अभी कोई राहत मिलती हुई नजर नहीं आ रही है.उत्तर प्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में चिलचिलाती धूप और लू ने कहर बरपा कर रखा है. गर्मी इतनी भीषण है कि इसका असर मुंबई में भी देखने को मिल रहा है.बता दें महाराष्ट्र के मुंबई में दो दिनों के राहत के बाद फिर से भीषण गर्मी पड़ने लगी है. गर्मी के तांडव के बीच लोगों को कई तरह की बीमारियां का भी सामना करना पड़ रहा है.
बता दें तापमान के ताप की चपेट में आने के बाद डिहाइड्रेशन, वायरल बुखार, महिलाओं में यूटीआई संक्रमण, डायरिया, माइग्रेन, किडनी में पथरी, पेट की बीमारियां, आंखों में संक्रमण, हीटस्ट्रोक की समस्या जैसी कई तरह की बीमारियों का प्रकोप मुंबईकरों पर आफत बनकर टूट रहा है. चिकित्सकों के मुताबिक, ऐसे में इस समय लोगों को सेहत का विशेष रूप से ख्याल रखने की जरूरत है, वरना बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से मुंबई के साथ-साथ उपनगरों में भी गर्मी से मुंबईवासी सहम गए हैं. मुंबई में बुधवार को तापमान में जारी बढ़ोतरी गुरुवार को भी दिखी. इससे नागरिकों को असहनीय गर्मी झेलनी पड़ी.वही इसी बीच मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि गर्मी आनेवाले कुछ और दिनों तक जारी रहेगी. ऐसे में चिकित्सकों ने कहा है कि गर्मी से बचने के लिए सुझाए गए उपायों को नजरअंदाज करना परेशानी का सबब बन सकता है.
गर्मियों में खुले या कटे फलों को खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इन पर बैठने वाली मक्खियों से टाइफाइड, पीलिया और गैस्ट्रो जैसी बीमारियां फैलती हैं. फलों के जूस में इस्तेमाल की जाने वाली बर्फ भी बहुत खतरनाक होती है. गन्ने का अशुद्ध रस अक्सर पीलिया और टाइफाइड का कारण बनता है, इसलिए अशुद्ध रस पीने से बचना चाहिए. पसीना, मतली, उल्टी, घबराहट के दौरे और अत्यधिक थकान, नीली त्वचा, कम शरीर का तापमान, चक्कर आना, बी.पी. बढ़ने, हृदय गति में कमी आने पर मरीज को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए.





