जुलाई सितंबर तिमाही के लिए आज सरकार ने छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज में बढ़ोतरी की

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छोटी बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों पर आने वाला फैसला आ चुका है। सरकार ने ब्याज दर को बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार ने जुलाई-सितंबर 2023 तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में 10 से लेकर 30 बेसिस प्वाइंट तक की बढ़ोतरी की है।

1 और 2 साल की पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट, 5 साल की आवर्ती जमा जैसी योजनाओं की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की गई है। वित्त मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि एक वर्ष की सावधि जमा स्कीम पर ब्याज दर को 6.8 फीसद से बढ़ा कर 6.9 फीसद, दो वर्ष की स्कीम पर देय ब्याज दर को 6.9 फीसद से बढ़ा कर 7 फीसद और पांच वर्ष की रेकरिंग जमा पर देय ब्याज की दर 6.2 फीसद से बढ़ा कर 6.5 फीसद कर दिया गया है।

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) पर मिलने वाले ब्याज दर को 8.2 प्रतिशत ही रखा गया है, सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF) पर मिलने वाले ब्याज दर को 7.1 प्रतिशत ही रखा गया है, किसान विकास पत्र (KVP) पर मिलने वाले ब्याज दर को 7.5 प्रतिशत ही रखा गया है। इसके अलावा नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर मिलने वाले ब्याज दर को 7.7 प्रतिशत ही रखा गया है, सुकन्या समृद्धि खाता योजना पर मिलने वाले ब्याज दर को 8 प्रतिशत ही रखा गया है और मासिक आय खाता योजना पर मिलने वाले ब्याज दर को 7.4 प्रतिशत ही रखा गया है। आपको बता दें कि सरकार द्वारा हर तिमाही में छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों की समीक्षा की जाती है। आपको बता दें कि आखिरी घोषणा में, सरकार ने अप्रैल-जून 2023 तिमाही के लिए अधिकांश लघु बचत ब्याज दरों में 70 आधार अंक (बीपीएस) तक की बढ़ोतरी की घोषणा की थी।

वित्त मंत्रालय ने आज सभी सरकारी और निर्धारत मानक पूरा करने वाले निजी बैंकों को महिला सम्मान बचत प्रपत्र 2023 जारी करने की इजाजत दे दी है। मंत्रलाय ने इसके लिए 27 जून, 2023 को आवश्यक अधिसूचना जारी कर दी है। इस कदम का उद्देश्य इस योजना को ज्यादा से ज्यादा विस्तार दे कर महिलाओं को बेहतर वित्तीय आजादी देना है। इसकी घोषणा आम बजट 2023-24 में की गई थी। इसके तहत 7.5 फीसद का सालाना ब्याज दर की भुगतान की जाती है और ब्याज की गणना तिमाही आधार पर करने की व्यवस्था है। इस तरह से सालाना देय ब्याज दर करीब 7.7 फीसद हो जाता है। इसमें न्यूनतम एक हजार रुपये और अधिकतम दो लाख रुपये जमा कराने की सुविधा है।