ट्रैक्टर परेड का रूट तोड़कर दिल्ली के लाल किले पर घुसे किसान, अपना झंडा फहराया, एक की मौत

0
646
Look Out Notice Farmer Leaders

द लीडर. तीन कृषि कानून रद कराने के लिए आंदोलन कर रहे किसानों ने गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में लाल किले में घुसकर नारेबाजी की. भारी भीड़ ने वहां नारेबाजी के बीच अपना झंडा फहरा दिया है. किसानों की घेराबंदी के लिए बड़ी संख्‍या में पुलिस बल पहुंच गया है लेकिन अभी किसी तरह का बल प्रयोग नहीं किया है. किसानों को समझाया जा रहा है. राजधानी में इतने ज्यादा ट्रैक्टर ट्राली और  वाहन हैं, जिससे ज्यादातर मार्ग जाम हैं.

किसान नेताओं के एलान पर पंजाब और हरियाणा के अलावा देश के दूसरे प्रदेशों से भारी संख्या में किसान ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए दो दिन पहले से ही रवाना होने शुरू हो गए थे. 26 जनवरी यानी मंगलवार को ट्रैक्टर और ट्रालियों में सवार किसान दिल्ली सीमा में सभी तरफ से दाखिल होने लगे.

दोपहर तक दिल्ली की ज्यादातर सड़कें ट्रैक्टर ट्राली से जाम हो गईं. किसानों ने दिल्ली पुलिस के उस रूट को तोड़ दिया, जो उनकी परेड के लिए निर्धारित था. एक तरफ सरकारी अमला गणतंत्र दिवस परेड को ठीक तरह संपन्न कराने में लगा था, किसानों की भीड़ उन मार्गों तक पहुंच गई, जहां जाने की इजाजत नहीं दी गई थी. जब किसान अपने वाहनों के साथ लाल किला पहुंचे और वहां अपना झंडा फहरा दिया.


गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड को किसान मोर्चा ने जारी की ये हिदायतें


 

इससे सरकारी अमले में खलबली मच गई. किसानों को रोकने के लिए कुछ जगहों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं. हमारे संवाददाता आशीष सक्सेना ने दिल्ली से रिपोर्ट करते हुए बताया किसानों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई हैं. बेरीकेड तोड़ दिए गए हैं. पथराव हुआ और किसान तलवार भी चलाते दिखाई दिए.

पुलिस ने हल्का लाठीर्चाज भी किया है. ट्रैक्टर परेड के लिए जिन शर्तों पर हामी भरी गई थी, उन्हें नहीं माना गया है. टकराव में किसान और पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं. पुलिस किसी तरह की बड़ी कार्रवाई के बजाय लाल किले में घुसे किसानों को समझाने का प्रयास कर रही है. वहीं, ट्रैक्टर परेड में एक चालक की मौत हो गई है. पुलिस, लालकिले को किसानों से खाली करा रही है.

पुलिस की तैयारी किसी भी तरह किसानों को लाल किले से हटाने की है, उसके बाद अगला कदम तय होगा. दिल्ली में घुसने के बाद किसान जिस तरह लाल किले तक पहुंच गए, उसे लेकर किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है कि आंदोलन में राजनीतिक पाटिर्यों के लोग घुस गए हैं,

उन्होंने ही ऐसा किया है. उधर, स्वराज पार्टी के प्रमुख योगेंद्र यादव ने कहा है कि जहां पर दिल्ली की सीमाओं पर बैठे थे, वहां से आगे बढ़े हैं. दिल्ली में बहुत ही अद्भुत नजारा है. अभी तक तंत्र आगे रहता आया था लेकिन अब गण भी दिखा है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here