“कैश नहीं है..तो अब भिखारी को भीग दें ऑनलाइन- पढ़ें ये डिजिटल खबर

द लीडर हिंदी : तकनीक की कोई सीमा नहीं. आज का दौर का कैश लैस हो चुका है. बहुत कम ही लोग हैं, जो कैश साथ लेकर चलते हैं. क्योंकि ऑनलाइन पेमेंट की आदत ने लोगों को कैश साथ करने की आदत छुड़ा दी है. डिजिटल इंडिया के दौर में आज हर जगह पेमेंट ऑनलाइन हो रहा है.ऐसे में अब पैसे मांगने वाले भिखारी भी अपग्रेड हो गए हैं. हम सड़क पर किसी जरूरतमंद को पैसे मांगते देख छुट्टे पैसे न होने का बहाना कर देते थे.लेकिन अब ये बहाना नहीं काम आने वाला. क्योकि अब डिजिटल इंडिया जो हो चुका है.क्योकि भिखारी भी यहां डिजिटल अंदार में भीग मांगने लगे है .दरअसल सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सड़क किनारे एक पैसा मांगने वाला शख्स गले में ऑनलाइन पेमेंट के लिए क्यूआर कोड लटकाकर चल रहा है, जिसको देखकर कोई कैश ना होने का बहाना भी नहीं बना सकता.

डिजिटल हो रहे देश के भिखारी
वैसे तो अक्सर लोग रास्ते चलते राह चलते जब कोई भिखारी हमसे टकरा जाते हैं तो कैश ना होने की बात कहकर वहां से निकलने की सोचते हैं. लेकिन अब देश के भिखारी भी डिजिटल हो रहे हैं. इतना ही वहीं अपने साथ QR कोड भी लेकर चल रहे हैं. हाल ही में असम के गुवाहाटी में एक नेत्रहीन शख्स को क्यूआर कोड कार्ड की मदद से भीख मांगते हुए देखा गया. वीडियो में शख्स को सड़क पर एक कार के पास आकर पैसे मांगते देखा जा सकता है, जिसका वीडियो कार में ही मौजूद एक शख्स ने बना लिया है. सोशल मीडिया पर आते ही ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.

इस दौर में तकनीक की कोई सीमा नहीं
दरअसल कांग्रेस नेता गौरव सोमानी ने अपने ऑफिशियल एक्स अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया है. उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए लिखा- ‘गुवाहाटी में एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला- एक भिखारी फोन पे का उपयोग करके लोगों से भीख मांग रहा था. टेक्नोलॉजी की वास्तव में कोई सीमा नहीं है. यह सामाजिक-आर्थिक स्थिति की बाधाओं को भी पार करने की शक्ति रखती है.

एक ऐसा क्षण जो करुणा और नवीनता के विकसित परिदृश्य के बारे में बहुत कुछ बताता है. आइए मानवता और डिजिटल उन्नति के इस दिलचस्प लेन-देन पर विचार करें. बता दें माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स पर इस वीडियो को कांग्रेस नेता गौरव सोमानी ने शेयर किया है. इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा, “हलचल भरी गुवाहाटी में एक अनोखा दृश्य देखने को मिला. एक भिखारी PhonePe का उपयोग करके डिजिटल लेनदेन के जरिये मदद मांग रहा है. तकनीक की वास्तव में कोई सीमा नहीं है.आइए मानवता और डिजिटल तरक्की के इस दिलचस्प कनेक्शन के बारे में सोचें.

गुवाहाटी में अनोखी भीग
इस वायरल वीडियो में, भिखारी एक कार के पास आता है और कार के विंडो से कुछ पैसे मांगता है. उसके गले में क्यूआर कोड कार्ड मौजूद है. कार में मौजूद युवक उसे 10 रुपये भेजने के लिए PhonePe QR कोड को स्कैन करता है। भिखारी, जिसने अपना नाम दशरथ बताया, स्मार्टफोन को कान के पास लाकर सुनता है कि पैसे ट्रांसफर हुए हैं या नहीं। ऑनलाइन पेमेंट कंफर्म होने के बाद वो वहां से निकल जाता है. इस तकनीक की मदद से नेत्रहीन भिखारी के पैसे भी सुरक्षित रहेंगे.

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Abhinav Rastogi

पत्रकारिता में 2013 से हूं. दैनिक जागरण में बतौर उप संपादक सेवा दे चुका हूं. कंटेंट क्रिएट करने से लेकर डिजिटल की विभिन्न विधाओं में पारंगत हूं.

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