आजम खान की बीवी डा. तंजीम फातिमा जेल से रिहा

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Azam Khans Tanjin Fatima

द लीडर : समाजवादी पार्टी के कद्​दावर नेता और रामपुर से सांसद आजम खान की बीवी डॉ. तंजीम फातिमा जेल से रिहा हो गई हैं. वह पिछले करीब दस महीने से जेल में बंद थीं. अदालत से सभी मामलों में जमानत मिलने के बाद सोमवार को उनकी रिहाई का परवाना सीतापुर जेल पहुंचा, जहां वह बंद थीं. हालांकि सांसद आजम खां और बेटे अब्दुल्ला आजम खान को अभी सभी मामलों में जमानत नहीं मिली है. (Azam Khans Tanzeem Fatima )

 

जेल से रिहाई के बाद डा. तंजीम फातिमा से मिलने के लिए पहुंचे शुभचिंतक

डॉ. तंजीम फातिमा रामपुर शहर से विधायक हैं. स्वार सीट से विधायक रहे बेटे अब्दुल्ला आजम खान के दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम के साथ उनके विरुद्ध भी मामला दर्ज हुआ था. इसी साल 24 फरवरी को अदालत ने तीनों के विरुद्ध गैरजमानती वारंट जारी किया. इसके बाद आजम खां, बीवी और बेटे के साथ अदालत में हाजिर हुए. कोर्ट ने इनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए जेल भेजने का आदेश दिया था. पहले तीनों को रामपुर जेल में रखा गया, बाद में इन्हें सीतापुर जेल भेज दिया गया. सोमवार की रात करीब 8 बजे डा. तंजीम जेल से बाहर आईं. Azam Khans Tanzeem Fatima

कांग्रेस नेता और मशहूर शायर इमरान प्रतापगढ़ी ने डा. तंजीम की एक तस्वीर शेयर करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा है. अपने फेसबुक पेज पर उन्होंने लिखा, ‘राजनैतिक दुश्मनी की वजह से बेगुनाह कई महीनों से जेल काटकर निकलीं तंजीम फातिमा की पहली तस्वीर ये है. योगी सरकार ने आजम खान से अपनी खुन्नस में उनकी पत्नी को भी जेल भिजवा दिया था. तमाम राजनैतिक मतभेदों के बावजूद मैं आजम ख्खान पर की जा रही तमाम उत्पीड़न की कार्यवाहियों की भरभूर मजम्मत करता हूं और न्यायालय द्वारा जमानत पर रिहा की गईं रामपुर विधायक तंजीम फातिमा के हौसले की सराहना करता हूं.’

शायर इमरान प्रतापगढ़ी की ओर से फेसबुक पर जारी डा. तंजीम फातिमा की तस्वीर.

आजम खां पर करीब 83 मामले दर्ज

आजम खान पर करीब 83 मामले दर्ज हैं. इसमें जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जबरन जमीन कब्जाने समेत अन्य आरोप शामिल हैं. कई मामलों में उन्हें जमानत भी मिल चुकी है.

एएमयू से पासआउट हैं डा. फातिमा

डॉ. तंजीम फातिमा ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एमएयू) से उच्च शिक्षा हासिल की है. वह राजनीति विज्ञान की प्रोफेसर रही हैं. बाद में राज्यसभा सांसद भी बनीं. हालांकि वर्ष 2019 में उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा देकर शहर सीट से एमएलए का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की. ये सीट उनके शौहर आजम खान के लोकसभा चुनाव लड़ने से खाली हुई थी.


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