यूक्रेन और रूस की सीमा पर युध्द के बादल, भारी सैनिक जमावड़ा

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मास्को।

रूस और यूक्रेन के बीच लगातार बढता विवाद पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। यूक्रेन की पूर्वी सीमा पर युद्व के बादल मंडरा रहे हैं।दोनों तरफ से सेनाएं सन्नद्ध हो रही है। पिछले तीन दिन से अमेरिका और नाटो देश इस फौजी जमावड़े पर नज़र रखे हुए हैं।

हाल में ही अमेरिका से सैन्य हथियारों से लगा एक कार्गो शिप यूक्रेन पहुंचा था। जिसमें कई तरह की गाड़ियां और अन्य साजोसामान भरे हुए थे। रूस पहले से भी यूक्रेन और अमेरिका में बढ़ती हुई नजदीकी से चिढ़ा हुआ है। अमेरिकी अधिकारियों ने चिंता जताई है कि इससे दोनों देशों के बीच युद्ध का एक नया खतरा पैदा हो सकता है।

बताया जा रहा है कि जितने भी वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं। वे सभी 27 मार्च 2021 के बाद के हैं। रूसी वायुसेना के कई लड़ाकू विमान भी उस क्षेत्र में अपनी गश्त तेज किए हुए हैं। जो तस्वीरें साया हो रही हैं उनमें 152 मिलीमीटर की सेल्फ प्रोपेल्ड हॉवित्जर गन, इंफेंट्री फाइटिंग व्हीकल और सैन्य ट्रकों से भरी ट्रेन रूस को क्रीमियाई प्रायदीप से जोड़ने वाले एक रेलवे पुल से गुजरते दिख रहे है।

अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि हम इस भारी सैन्य मूवमेंट को लेकर रूस से स्पष्टता हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिकी सेना के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल मार्क मिले ने अपने रूसी समकक्ष जनरल वालेरी गेरासिमोव ने 31 मार्च 2021 को सैन्य मुवमेंट को लेकर जानकारी मांगी थी। लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि रूस ने अमेरिकी जनरल के इस सवाल का क्या जवाब दिया था। अमेरिकी सेना के इस जनरल ने यूक्रेनी सेना के कमांडर.इन.चीफ रुसलान खोमच से भी बात की है। रुसलान खोमच ने यूक्रेन की संसद में कहा था कि वर्तमान में रूस ने क्रीमिया में लगभग 320700 सैन्यकर्मी तैनात किए हुए हैं। 2014 में क्रीमिया को जीतने के बाद से रूस ने इस इलाके में जल.थल और नभ में अपनी सैन्य उपस्थिति को मजबूत किया है।
एक दिन पहले रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लप्रोव के हवाले से तास ने लिखा था कि यदि पूर्वी इलाके में फिर से युद्ध छेड़ा गया तो यूक्रेन तबाह हो जाएगा। रूस ने साफ किया है कि उसने सीमा पर अतिरिक्त फौज और सैन्य साजो सामान अपनी सीमा की रक्षा के लिए भेजा है। उधर यूक्रेन के सैन्य कमांडर कह रहे हैं कि रूस लगातार सीमा का उल्लंघन कर रहा है और यह यूक्रेन ही नहीं नाटो देशों को चुनौती है । 2014 में क्रेमिया के यूक्रेन से कटने के बाद पूर्वी सीमा के दोनवास क्षेत्र में 14000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।

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