मोदी सरकार के 8 साल पूरे : देखिए इन ‘अच्छे दिनों’ का रिपोर्ट कार्ड

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द लीडर | देश के लोकतांत्रिक इतिहास में 26 मई का विशेष महत्व है क्योंकि 2014 में शानदार चुनावी जीत के बाद नरेन्द्र मोदी ने आज ही के दिन देश के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। 2019 में नरेन्द्र मोदी ने लगातार दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री का पद संभाला और इस बार भी 26 मई की तारीख का एक खास महत्व था। सितंबर 2013 में नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी के ऐलान के बाद ‘बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार’ और ‘हम मोदी जी को लाने वाले हैं, अच्छे दिन आने वाले हैं’ जैसे नारे गूंजने लगे। जनता कांग्रेस सरकार से पहले ही नाराज थी। 2014 में लोकसभा चुनाव हुए तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 282 सीटों पर जीत हासिल की। ये पहली बार था जब किसी गैर-कांग्रेसी पार्टी ने बहुमत हासिल किया था। 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।

कितने राज्यों में अभी BJP और सहयोगियों की सरकार?

देश में केंद्र की सरकार के अलावा 18 राज्यों में बीजेपी और उसके सहयोगी दल सरकार चला रहे हैं। वही कांग्रेस का दायरा धीरे-धीरे सिमटते नजर आया। मौजूदा वक्त में सिर्फ दो राज्यों में ही कांग्रेस के मुख्यमंत्री हैं तो तीन राज्य ऐसे हैं जहां कांग्रेस सरकार का हिस्सा है। नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने से पहले 14 राज्यों में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की सरकार थी। पंजाब में इस बार दोनों ही मुख्य पार्टियां सत्ता से बाहर हो गई और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी को ऐतिहासिक जीत हासिल हुई। यहां भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार चल रही है।

2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने के बाद मोदी सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए, जो मील का पत्थर साबित हुए। कुछ को लेकर अपवाद भी हुए। इन दोनों कार्यकाल के दौरान मोदी सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए, जिन्होंने देश की दशा-दिशा ही बदल दी। अब इन्हीं फैसलों के आधार पर भाजपा 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रही है।


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आइए जानते हैं कि मोदी ने इन 8 साल में क्या बडे़ फैसले लिए…

1. जनधन योजना (Jan Dhan Yojana): इस योजना का मकसद हर परिवार को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ना है। इसकी शुरुआत 15 अगस्त, 2014 को हुई थी। योजना के तहत 45 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं। सरकार की सब्सिडी इन्हीं खातों में जा रही है।

2. तीन कृषि कानून(three agricultural laws): किसानों को फसलों का उचित मूल्य दिलाने और अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के मकसद से मोदी सरकार ने 2021 में तीन कृषि कानून लागू किए थे। हालांकि किसानों के लंबे चले आंदोलन के एक साल बाद इन्हें निरस्त करना पड़ गया था।

3.आर्टिकल 370(Article 370): जनसंघ के संस्थापक डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की इसी मुद्दे को लेकर जान गई थी। मुखर्जी को जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा दिए जाने के विरोध में आंदोलन चलाने के लिए गिरफ्तार किया गया था। 23 जून 1953 को श्रीनगर में उनकी जेल में संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। आजादी के बाद से किसी भी सरकार ने इस मुद्दे में हाथ नहीं डाला, लेकिन मोदी सरकार 2.0 में आर्टिकल 370 निष्प्रभावी किया गया। 5 अगस्त को राज्यसभा से बिल पास हो गया। साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्रशासित राज्य बन गए।

4. तीन तलाक कानून(triple talaq law):1 अगस्त 2019 को मोदी सरकार ने तीन तलाक विधेयक को पारित कराया था। इसने मुस्लिम महिलाओं को एक ताकत दी। यह अलग बात है कि कुछ मुस्लिम संगठनों ने इसका विरोध भी किया था।

5: नोटबंदी(demonetisation): 8 नवंबर 2016 को मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार और कालेधन को रोकने के लिए नोटबंदी का ऐतिहासिक फैसला किया था। इस फैसले के बाद 85% नकदी बेकार हो गई थी। उस वक्त देश में कुल 15.41 लाख करोड़ मूल्य के 500 और हजार के नोट चल रहे थे। रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, नोटबंदी के दौरान बैंकों में 99.3% यानी 5.31 लाख करोड़ रुपए जमा हुए थे। इस फैसले का फायदा ये हुआ कि देश में डिजिटल ट्रांजेक्शन में इजाफा हुआ।

6. नागरिकता संशोधन कानून(citizenship amendment law):2019 में मोदी सरकार ने संसद में नागरिकता (संशोधन) कानून पारित किया था। इसे लेकर भी विरोध हुआ। इस कानून के तहत पड़ोसी मुल्कों में प्रताड़ित अल्पसंख्यकों-हिन्दू, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध और पारसी को भारतीय नागरिकता दी जा रही है। सिर्फ मुसलमानों को इसमें नागरिकता देने का प्रावधान नहीं है। 10 जनवरी 2020 को यह कानून लागू हुआ, हालांकि अब तक नियमों को अधिसूचित नहीं किया गया है।

7. जीएसटी(GST) : मोदी सरकार ने 1 जुलाई 2016 को जीएसटी लागू की थी। जबकि पहले हर राज्य अपने अलग-अलग टैक्स वसूलते थे। जीएसटी में आधा टैक्स केंद्र सरकार को जाता है और आधा राज्यों को। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने 2000 में इसे लागू करने का फैसला किया था। इसके लिए कमेटी भी बनी थी। लेकिन मामला लटका रहा। 2014 में नरेंद्र मोदी की सरकार ने कई बदलावों के साथ संविधान संशोधन विधेयक लेकर आई। अगस्त 2016 में यह विधेयक संसद ने पास किया।

8. सर्जिकल एयरस्ट्राइक(surgical air strike): पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के उरी में आतंकी हमले के बाद जवाबी कार्रवाई में भारतीय सेना ने पीओके में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। 18 सितंबर 2016 की सुबह आतंकियों ने भारतीय सेना के कैंप में घुसकर सोते हुए जवानों पर हमला किया था। हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे। 1971 के बाद यह ऐसा पहली बार हुआ था। 2019 में पुलवामा हमले के बाद भी भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में जैश के आतंकियों को तहस-नहस किया था।

9. उज्ज्वला योजना (Ujjwala Yojana): मोदी सरकार की उज्ज्वला योजना (Pradhan Mantri Ujjwala Yojana) एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों को घरेलू रसोई गैस(LPG) कनेक्शन मुफ्त दिया जाता है।  योजना 1 मई 2016 को शुरू हुई थी। 25 अप्रैल-2022 तक 9 करोड़ से अधिक कनेक्शन बांटे जा चुके हैं।

10.आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojana): इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे (BPL) आने  वाले परिवारों का 5 लाख रुपए तक कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कराया जाता है। सरकार का दावा है कि योजना के तहत 10 करोड़ परिवारों के 50 करोड़ सदस्यों को लाभ मिल चुका है।

11. स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission): प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण और शहरी इलाकों में स्वच्छता और सरकारी खर्चे पर टॉयलेट बनाने की योजना है। यह योजना 2 अक्टूबर, 2014 को शुरू की गई थी। इस योजना ने देश में साफ-सफाई के प्रति एक नई अलख जगाई है।

12.जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission): इस योजना का मकसद 2024 तक घर-घर स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना है। वर्ष 2022-23 में देश भर में 3.8 करोड़ परिवारों को इस योजना से जोड़ दिया गया है। यह योजना 2019 में शुरू हुई थी।

13. प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana): यह योजना कच्चे मकान वालों को पक्के घर बनाकर देने से जुड़ी है। इसमें कम कीमत पर लोन दिया जाता है। इस योजना के तहत 2022 के अंत तक 2 करोड़ मकान बनाने का लक्ष्य है। योजना 2015 में शुरू हुई थी।


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साल 2022 में कहां-कहां विधानसभा के चुनाव?

देश में अभी 18 प्रदेशों में एनडीए की सरकार चल रही है। इस साल दो और राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं। गुजरात और हिमाचल प्रदेश में इस साल के अंत में विधानसभा के चुनाव होने हैं। गुजरात में बीजेपी की सियासी जमीन काफी मजबूत मानी जा रही है। इस बार पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने भी कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है और आगामी चुनाव से पहले तक बीजेपी में शामिल होने की संभावना है। ऐसे में गुजरात में सत्ता परिवर्तन की उम्मीद न के बराबर है। हालांकि उपचुनाव में कांग्रेस को मिली जीत के बाद इस बार हिमाचल प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस में टक्कर होने की संभावना है।

2022 के बाद 2024 तक कहां-कहां चुनाव?

इस साल के अंत में गुजरात और हिमाचल में विधानसभा चुनाव होने के बाद साल 2023 में कुल 9 प्रदेशों में विधानसभा के चुनाव होने हैं। इनमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान, त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड और मिजोरम में चुनाव होंगे। इनमें से पांच राज्यों में बीजेपी और गठबंधन की सरकारें हैं। वहीं साल 2024 में लोकसभा चुनाव का महासंग्राम होगा। इस दौरान सात राज्यों के विधानसभा चुनाव भी कराए जाएंगे। आम चुनाव 2024 को लेकर मोदी की सरकार अभी से ही जुटी हुई है और वोट बैंक को बढ़ाने के लिए लगातार सियासी रणनीतियों पर काम कर रही है।

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