अमेरिका में इस्लामोफोबिया बढ़ा: सर्वे

काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस (सीएआईआर) के सर्वेक्षण अनुसार 2001 में ट्विन टॉवर हमले के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका में इस्लामोफोबिया में खासा इजाफा हुआ है। सर्वे में यहां रह रहे 69 फीसद मुसलमानों ने निजी तौर पर मुस्लिम विरोधी भेदभाव एक से ज्यादा घटनाओं को महसूस किया है। सर्वे उस रिपोर्ट का हिस्सा है जिसका मकसद यह विश्लेषण करना है कि 11 सितंबर के हमलों ने पिछले 20 वर्षों में अमेरिकी मुस्लिम समुदाय को कैसे प्रभावित किया।

यह पोल 12 अगस्त से 3 सितंबर तक ऑनलाइन किया गया था, जिसमें कुल 1053 प्रतिक्रियाएं मिलीं। सीएआईआर ने यह कहते हुए मतदान समाप्त किया कि इस सर्वेक्षण के नतीजों से पता चलता है कि पिछले 20 सालों में अमेरिकी मुसलमानों को हमलों से निरंतर नुकसान हुआ है।

रिपोर्ट में लिखा गया है कि 11 सितंबर 2001 को हुए हमलों ने पूरे संयुक्त राज्य में हेट क्राइम में बेहिसाब बढ़ोत्तरी हुई, जो 20 साल बाद भी खत्म नहीं हुई है। इस्लामोफोबिया का इस्तेमाल अक्सर राजनेताओं और मीडिया ने नफरत फैलाने और विदेशों में मुसलमानों के डर को दिखाने के एक हथियार बतौर किया जाता रहा है।

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हालांकि, 9/11 के हमलों के बाद बढ़ते इस्लामोफोबिया के बावजूद, कई अमेरिकी मुसलमान चुनौतियों से पार पाने में कामयाब रहे और परोपकार, सजग नागरिक होने, मीडिया, मनोरंजन समते तमाम क्षेत्रों में सफलता का परचम लहराया।

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बढ़ते इस्लामोबिया की तस्दीक

40% उत्तरदाताओं ने कहा कि उन्हें अक्सर हवाईअड्डों पर अतिरिक्त स्क्रीनिंग या पूछताछ के लिए रोका जाता है।

79% उत्तरदाताओं ने कहा कि 9 सितंबर के हमलों से पैदा हुई मुस्लिम विरोधी भेदभाव को या तो देखा या अनुभव किया है।

34% उत्तरदाताओं ने कहा कि 9/11 के बाद के वर्षों में मुस्लिम विरोधी भावना ने उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया है।

63% ने महसूस किया कि 9/11 के बाद के वर्षों में मुसलमानों के प्रति अमेरिकी मीडिया में सुधार नहीं हुआ है, बल्कि और खराब हो गया है।

67% मुस्लिम पुरुषों की तुलना में 72 % मुस्लिम महिलाओं ने 9 सितंबर हमले के बाद से निजी तौर से मुस्लिम विरोधी पूर्वाग्रह या भेदभाव की एक से ज्यादा घटनाओं का अनुभव किया है। इसके अलावा मुस्लिम महिलाओं (56%) ने मुस्लिम पुरुषों (65%) की तुलना में अमेरिकी समाज में कम स्वीकार किए जाने की जानकारी दी।

95% मुसलमानों ने इस्लाम और मुसलमानों के बारे में नकारात्मक टिप्पणियां सुनी हैं, उनमें से 45% हमेशा, जबकि 50% खास मौकों पर होती हैं।

63% ने बताया कि 9/11 के हमलों के बाद से उनकी मस्जिदों ने अंतरधार्मिक कार्यों में बढ़ोत्तरी की है।


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