थॉमस कप फाइनल में भारत की ऐतिहासिक जीत, 73 सालों में पहला खिताब

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द लीडर | थॉमस कप बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारत ने इतिहास रच दिया है. टीम ने पहली बार फाइनल खिताब जीतकर गोल्ड मेडल जीत लिया है. टीम इंडिया ने फाइनल में इंडोनेशिया को 3-0 से क्लीन स्वीप किया. पहले मैच में लक्ष्य सेन ने एंथोनी सिनिसुका को 8-21, 21-17, 21-16 से हराया. दूसरा मुकाबला डबल्स में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने 18-21, 23-21, 21-19 से जीत लिया. तीसरा मैच सिंगल्स का रहा, जिसमें किदांबी श्रीकांत ने जोनातन क्रिस्टी को 21-15, 23-21 से शिकस्त दी.

प्रधानमंत्री ने दी बधाई

थॉमस कप जीतने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय टीम को बधाई दी है. उन्होंने ट्वीट किया, “भारतीय बैडमिंटन टीम ने इतिहास रचा है. भारत के थॉमस कप जीतने से पूरा देश उत्साहित है. हमारी कुशल टीम को बधाई और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं. यह जीत कई आगामी खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी.”

ओलम्पिक मेडलिस्ट मीराबाई चानू ने ट्वीट किया,

‘भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि. बहुत बधाई टीम इंडिया. थॉमस कप’

ओलम्पिक गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा ने बधाई देते हुए लिखा,

‘क्या ऐतिहासिक दिन है! पहली बार थॉमस कप जीतने के लिए एक शानदार टीम इंडिया द्वारा शानदार प्रदर्शन. गोल्ड जीतने के लिए कई मौकों पर कठिन परिस्थितियों से वापसी की. सभी खिलाड़ियों और कोचों को बधाई. चैंपियंस, आप सब!’

भारतीय टेनिस प्लेयर महेश भूपति ने कहा,

‘रोंगटे खड़े कर देने वाला! बधाई टीम इंडिया.’

इंडियन फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री बोले,

‘भारतीय स्पोर्ट्स के लिए क्या कमाल का पल है. हम पहली बार थॉमस कप चैंपियन हैं और हमने इसे हासिल करने के लिए सर्वश्रेष्ठ को हराया है. खिलाड़ियों और स्टाफ को बधाई. कुछ चीजों में समय लगता है लेकिन किसी को यह ना कहने दें कि यह नहीं किया जा सकता.’

पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर बोले,

‘सभी भारतवासियों के लिए ऐतिहासिक पल. इंडियन बैडमिंटन के लिए कमाल का दिन. हमारा पहला थॉमस कप जीतने पर पूरी टीम को बधाई.’

पूर्व क्रिकेटर वसीम ज़ाफर ने लिखा,

‘भारतीय स्पोर्ट्स के लिए ऐतिहासिक दिन. बधाई और उनको सलामी.’


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इंडोनेशिया को 3-0 से हराया

भारत ने थॉमस कप के फाइनल मैच में इंडोनेशिया को 3-0 से हराकर इतिहास रच दिया है. लक्ष्य सेन ने पहले मैच में इंडोनेशिया के एंतोनी सिनिसुका को 8-21, 21-17, 21-16 से मात दी. सात्विक चिराग की जोड़ी ने दूसरे मैच में 18-21, 23-21, 21-19 से जीत हासिल की. किदांबी श्रीकांत ने तीसरे मैच में क्रिस्टी को 21-15, 23-21 से हराकर सबसे बड़ा इतिहास रचा.

पहली बार फाइनल में पहुंचा था भारत

भारतीय टीम ने  थॉमस कप बैडमिंटन में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है. भारत ने मलेशिया और डेनमार्क को हराकर पहली बार फाइनल में जगह बनाई थी. भारत के पास खिताब जीतकर इतिहास रचने का सुनहरा अवसर था. टूर्नामेंट के 73 साल के इतिहास में भारत पहली बार फाइनल में पहुंचा और जीत भी दर्ज की. इस प्रतियोगिता के मुकाबले बेस्ट ऑफ फाइव फॉर्मेट में होते हैं. फाइनल में पहुंचने वाले दो देशों की टीमों को आपस में पांच मैच खेलने होते है. इसमें तीन सिंगल्स और दो डबल्स मैच होते हैं. कम से कम तीन मैच जीतने वाली टीम विजेता बनती है.

पैसों की बरसात 

भारत के इस जीत के बाद सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर कई हस्तियों ने टीम को बधाई दी है. भारत सरकार ने टीम को एक करोड़ रुपये इनाम के तौर पर देने का एलान किया है. इसकी घोषणा खेलमंत्री अनुराग ठाकुर ने ट्विटर पर की. दूसरी ओर, भारतीय बैडमिंटन संघ ने खिलाड़ियों के लिए एक करोड़ रुपये और सहयोगी स्टाफ के लिए 20 लाख रुपये की पुरस्कार राशि की घोषणा की. इसकी जानकारी असम के सीएम और बीएआई के अध्यक्ष हिमंत बिस्वा सरमा ने दी.

थॉमस कप से जुड़ी पांच बड़ी बातें

1. भारतीय टीम थॉमस कप के 73 साल के इतिहास में पहली बार चैंपियन बनी है. बता दें यह टूर्नामेंट साल 1949 से खेला जा रहा है.

2. भारत छठी टीम है, जिसने थॉमस कप टूर्नामेंट जीता है. भारतीय टीम ने मलेशिया एवं डेनमार्क जैसी टीमों को हराकर पहली बार थॉमस कप फाइनल में जगह बनाई थी.

3. बता दें अब तक 32 बार थॉमस कप हुआ है तथा केवल पांच देश ही विजेता बन सके हैं. इस टूर्नामेंट को भारत जीतने वाला छठवां देश बन गया है.

4. थॉमस कप की सबसे सफल टीम इंडोनेशिया है. यह टीम अब तक 14 बार इस खिताब पर कब्जा जमाया है. पहले थॉमस कप तीन साल में होता था, साल 1982 के बाद से दो साल में होता है.

5. साल 1982 से इस टूर्नामेंट में भाग ले रही चीनी टीम ने 10 खिताब तथा मलेशिया ने 5 खिताब जीते हैं. जापान एवं डेनमार्क दोनों के पास एक-एक खिताब है. डेनमार्क साल 2016 में यह खिताब जीतने वाली पहली गैर एशियाई टीम थी.

क्या है थॉमस कप : 

थॉमस कप (Thomas Cup) एक बैडमिंटन टूर्नामेंट है, जिसमें फिलहाल 16 टीमें पार्टिसिपेट करती हैं. बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए थॉमस कप टूर्नामेंट आयोजित करने का आइडिया सबसे पहले इंग्लिश बैडमिंटन प्लेयर सर जॉर्ज एलन थॉमस के दिमाग में आया था. वे खुद भी एक बेहतरीन बैडमिंटन खिलाड़ी थे. जॉर्ज एलन थामस की ख्वाहिश थी कि फुटबॉल वर्ल्ड कप और टेनिस के डेविस कप की तरह ही बैडमिंटन टूर्नामेंट भी होना चाहिए. इसके बाद पहली बार 1948-49 में थॉमस कप आयोजित किया गया.  पहले यह टूर्नामेंट हर 3 साल में होता था, लेकिन 1982 के बाद से इसे 2 साल में आयोजित किया जाता है.

अब तक सिर्फ 6 देश ही जीत सके थॉमस कप : 

1948-49 से लेकर अब तक सिर्फ 32 बार ही थॉमस कप आयोजित हुआ है, जिसमें से सिर्फ 6 देश ही विजेता बन सके हैं. इनमें इंडोनेशिया सबसे सफल टीम रही है, जिसने अब तक 14 बार थॉमस कप जीता है. इंडोनिशया के अलावा थॉमस कप जीतने वाले देश चीन 10 बार, मलेशिया 5 बार और डेनमार्क, जापान व भारत 1-1 बार शामिल हैं. बता दें कि थॉमस कप में बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) के सदस्य देश भाग लेते हैं. वैसे, ज्यादातर इस खिताब को एशियाई देशों ने ही जीता है. डेनमार्क ने 2016 के फाइनल में इंडोनेशिया को 3-2 से हराते हुए पहली बार किसी गैर एशियाई देश के रूप में थॉमस कप जीता था.


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दो साल पर होता है टूर्नामेंट का आयोजन

थॉमस कप को पहले तीन साल पर आयोजित किया जाता था, लेकिन 1982 में हुए फॉर्मेट में बदलाव के बाद यह दो साल पर आयोजित किया जाने लगा है. थॉमस कप को पुरुषों का विश्व टीम चैम्पियनशिप भी कहा जाता है. बैडमिंटन की शासी निकाय ‘बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) के सदस्य देश इसमें भाग लेते हैं.

थॉमस कप में भारत का प्रदर्शन

1952 फाइनल राउंड इंटर-जोन (तीसरा)

1955 फाइनल राउंड इंटर-जोन (तीसरा)

1973 पहला राउंड इंटर-जोन (पांचवां)

1979 सेमीफाइनल

1988 ग्रुप स्टेज – 8वां

2000 ग्रुप स्टेज – 7वां

2006 क्वार्टर फाइनल

2010 क्वार्टर फाइनल

2014 ग्रुप स्टेज – 11वां

2016 ग्रुप स्टेज – 13वां

2018 ग्रुप स्टेज – 10वां

2020 क्वार्टर फाइनल

2022 फाइनल*

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