असम में तबाही मचा रही बाढ़ से अब तक 24 की मौत, 7.19 लाख से ज्यादा लोग बेघर

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द लीडर | असम में रविवार को बाढ़ की स्थिति और बदतर हो गई। राज्य में दो बच्चों समेत छह और लोगों की मौत हो गई। वहीं 22 जिलों में सैलाब के कारण 7.2 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के मुताबिक, नगांव जिले के कामपुर राजस्व क्षेत्र में चार लोग पानी में डूब गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि होजाई जिले के डूबोका में एक शख्स की और कछार जिले के सिल्चर में एक बच्चे की बाढ़ के कारण मृत्यु हो गई।

असम में इस साल बाढ़ और भूस्खलन के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। प्राधिकरण ने कहा कि कई जिलों में आई बाढ़ के कारण 7,19,540 लोग प्रभावित हैं। नगांव सैलाब की वजह से बुरी तरह प्रभावित है जहां 3.46 लाख लोग संकट में हैं। इसके बाद कछार में 2.29 लाख और होजाई में 58 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हैं।

भारतीय वायुसेना मदद में जुटी हुई

वहीं भारतीय वायुसेना भी असम में जोर-शोर से मदद में जुटी हुई है। भारतीय वायुसेना ने अपने एएन-32 विमान के साथ साथ दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर, एक चिनूक हेलीकॉप्टर और एक एएलएच ध्रुव हेलीकॉप्टर को राहत और बचाव कार्य के लिए लगाया है। बाढ़ के दौरान 15 मई से लेकर अब तक वायुसेना 454 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा चुकी है। इन लोगों में 119 वो यात्री भी शामिल हैं, जो दामी हसाओ जिले के डिटोकचरा रेलवे स्टेशन पर फंस गए थे और जिसके लिए वायुसेना के ध्रुव हेलीकॉप्टर ने रेलवे ट्रैक पर लैंडिंग की थी।


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2095 गांव अब भी पानी में डूबे 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, असम के 2095 गांव अब भी बाढ़ में डूबे हुए हैं। वहीं 95,473.51 हेक्टेयर क्षेत्र में खड़ी फसल पूरी तरह तबाह हो चुकी है। राज्य में बाढ़ के चलते 4 लाख से ज्यादा जानवर भी प्रभावित हुए हैं। असम के 22 जिलों में हालात अब भी सामान्य नहीं हो पाए हैं। बाढ़ से बचाने के लिए 91,518 लोगों को 269 राहत शिविरों में ठहराया गया है, जहां प्रशासन की ओर से खाना-पानी और जरूरी चीजें दी जा रही हैं। असम में कई नेशनल पार्क भी हैं, जहां जानवर बाढ़ से बेहाल हैं। ऐसे में जानवरों के वैकल्पिक निवास के इंतजाम के लिए वन्यजीव अधिकारी काम में जुटे हुए हैं। बाढ़ के चलते जानवरों को यहां से शिफ्ट किया जा सकता है। भारतीय सेना के अलावा वायुसेना, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लोगों को बचाने में जुटी हुई हैं।

मरने वालों का आकंड़ा

असम में बाढ़ की स्थिति और बदतर हो गई तथा दो बच्चों समेत छह और लोगों की मौत हो गई। राज्य के 22 जिलों में सैलाब के कारण 7.2 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के मुताबिक, नगांव जिले के कामपुर राजस्व क्षेत्र में चार लोग पानी में डूब गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि होजाई जिले के डूबोका में एक शख्स की और कछार जिले के सिल्चर में एक बच्चे की बाढ़ के कारण मृत्यु हो गई।

भूस्खलन और बाढ़ ने तबाह किया असम

असम में इस साल बाढ़ और भूस्खलन के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। प्राधिकरण ने कहा कि कई जिलों में आई बाढ़ के कारण बारपेटा, बिश्वनाथ, कछार, दरांग, ग्वालपारा, गोलाघाट, हैलकांडी, जोरहाट, कामरूप, कार्बी आंगलोंग पश्चिम, करीमगंज, लखीमपुर, मजूरी, मोरीगांव, नगांव, सोनितपुर और उदालगुरी आदि जिलों में7,19,540 लोग प्रभावित हैं। नगांव सैलाब की वजह से बुरी तरह प्रभावित है जहां 3.46 लाख लोग संकट में हैं। इसके बाद कछार में 2.29 लाख और होजाई में 58 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। प्राधिकरण ने कहा कि फिलहाल 2095 गांव पानी में डूबे हुए हैं, जबकि 95,473.51 हेक्टेयर क्षेत्र में खड़ी फसल नष्ट हो गयी है।

मुख्यमंत्री की कोशिशे जारी 

इस बीच मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा ने रविवार को कहा कि इस पूर्वोत्तर राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों से संबंधित मुद्दों पर नयी दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय राजमर्ग प्राधिकरण की अध्यक्ष अलका उपाध्याय से बातचीत की। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मैंने बाढ़ एवं भूस्खलन प्रभावित राष्ट्रीय राजमार्गों की तत्काल मरम्मत एवं वर्तमान परियोजनाओं के समय से पूरा करने पर जोर दिया।

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