लखनऊ में अब ई-रिक्‍शा पर लगेगी ब्रेक, मेट्रो रूट पर नहीं मिलेगी एंट्री

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द लीडर | राजधानी लखनऊ शहर में अब ई-रिक्शे नहीं चलेंगे. पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने गुरुवार को इसका आदेश जारी कर दिया. असल में ई-रिक्शों की बढ़ती तादाद और इनका रूट तय न होने से कई इलाकों में ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ती जा रही है. इस समस्या से निजात के लिए पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने मेट्रो रूट के साथ कुल 11 रूटों पर ई-रिक्शा संचालन पर पाबंदी का आदेश जारी कर दिया है. इसके साथ इस मामले में संबंधित थाना क्षेत्र के पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी भी तय की है. पाबंदी के बावजूद इन रूट पर ई-रिक्शा दौड़ते मिले तो संबंधित चालकों के साथ थानों के जिम्मेदारों पर भी कारवाई होगी. आदेश के मुताबिक शहीद पथ, सभी मेट्रो स्टेशन और हजरतगंज में ई-रिक्शे नहीं चलेंगे.

प्रतिबंधित रूट और थाना क्षेत्र

1. मेट्रो रूट पर अमौसी मोड़ से मुंशीपुलिया चौराहा तक
थानाक्षेत्र: सरोजनीनगर, कृष्णानगर, आलमबाग, मानकनगर, नाका, हुसैनगंज, हजरतगंज, महानगर, गाजीपुर, इंदिरानगर

2. हजरतगंज चौराहा से बर्लिंग्टन चौराहा वाया रॉयल होटल
थानाक्षेत्र: हजरतगंज, हुसैनगंज, कैसरबाग

3. हजरतगंज चौराहा से बंदरियाबाग चौराहा
थानाक्षेत्र: हजरतगंज, गौतमपल्ली

4. हजरतगंज चौराहा से सिकंदरबाग चौराहा
थानाक्षेत्र: हजरतगंज

5. हजरतगंज से परिवर्तन चौक
थानाक्षेत्र: हजरतगंज, कैसरबाग

6. बंदरियाबाग चौराहा से पॉलिटेक्निक चौराहा
थानाक्षेत्र: हजरतगंज, गौतमपल्ली, गोमतीनगर, गाजीपुर


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7. अमौसी से बाराबिरवा
थानाक्षेत्र: सरोजनीनगर, कृष्णानगर, आलमबाग, मानकनगर

8. अहिमामऊ से अर्जुनगंज बाजार, रजमन चौकी, कटाईपुल से लालबत्ती चौराहा तक
थानाक्षेत्र- सुशांत गोल्फ सिटी, कैंट, गौतमपल्ली

9. पिकप पुल ढाल से इंदिरागांधी प्रतिष्ठान होकर विजयीपुर अंडरपास, इंदिरागांधी प्रतिष्ठान चौराहे से हाई कोर्ट गेट-3 और इंदिरागांधी प्रतिष्ठान चौराहे से गोमतीनगर रेलवे स्टेशन रोड तिराहे तक
थानाक्षेत्र: गोमतीनगर, विभूतिखंड, गाजीपुर

10. शहीद पथ
थानाक्षेत्र: विभूतिखंड, गोमतीनगर, पीजीआई, गोसाईंगंज, आशियाना, सरोजनीनगर

11. बादशाहनगर चौराहे से लेखराज, भूतनाथ होकर पॉलिटेक्निक चौराहे
थानाक्षेत्र: महानगर, गाजीपुर

फीडर सर्विस के लिए है छूट

मेट्रो के अफसर कहते हैं कि अगर यात्रियों को ई रिक्शा स्टेशन से चंद मीटर दूर मिले और यात्रियों को उनके घरों तक पहुंचाने का काम करे, तो फीडर सर्विस के रूप में काम किया जा सकता है. इससे उनकी रोजी भी चलेगी और मेट्रो में फीडर सर्विस की सुविधा भी मिल सकेगी. इसके लिए एक निर्धारित किराया ई-रिक्शा चालकों को लेना होगा और एक निर्धारित स्थान पर ई-रिक्शा के लिए स्टैंड बनाना होगा.

1988 की धाराओं के तहत दिया आदेश

पुलिस आयुक्त ने मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 115, उत्तर प्रदेश मोटर वाहन नियमावली 1998 के नियम 178  के तहत शहर में वायु प्रदूषण, यातायात जाम, लोगों की सुरक्षा और उनकी सुविधाओं को बेहतर करने के लिए ये आदेश जारी किया गया है.

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