Friday, April 16, 2021
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क्या आप जानते हैं इतिहास में हज 40 बार रद किया जा चुका है, जानिए क्यों हुआ ऐसा

कोरोना वायरस के चलते फैली विश्व महामारी की चपेट में हज यात्रा इस बार भी मुश्किलों से घिरी है, भले ही सऊदी अरब की सरकार हर बार की तरह हज कराने का दावा कर रही हो। जल्द शुरू होने जा रहे रमजान को लेकर जितनी सख्ती सऊदी अरब ने कर दी है, वह इसका संकेत है।

इस दौरान उमरा करने के इच्छुक मुसलमान भी पसोपेश में हैं। बीते साल जब महामारी से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ था, तब भी सख्त प्रतिबंध लागू किए गए थे, जिससे लाखों मुसलमानों की हज करने की हसरत पूरी नहीं हो सकी।

हालांकि, ऐसा पहली बार नहीं हो रहा कि हज की कठिनाइयां पैदा हुई हों। पैगंबर मोहम्मद के बाद इतिहास में एेसा तकरीबन 40 बार हो चुका है, जब हज यात्रा रद्द कर दी गई। ऐसा होने के पीछे एक बड़ा कारण महामारी भी रहीं। इसके अलावा कुछ युद्ध भी रहे, जिन्होंने हज रोक दिया। राजनीतिक झगड़े भी कई बार हज रद होने की वजह बन गए।

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image: flicker

कब-कब और क्यों रद हुआ हज

अब से 1392 साल पहले 629 ईसवीं में पहली बार हज रद किया गया। इसकी वजह था अराफात पर्वत पर नरसंहार। इसके 36 साल बाद फिर मक्का के इसी पर्वत पर 865 ईसवीं में इस्माइल बिन यूसुफ और बगदाद के अब्बासी खलीफा के बीच खूनी संघर्ष हुआ, जिसमें वहां मौजूद हजारों हज यात्री भी मारे गए। इस बार भी हज रद कर दिया गया।

इसके बाद सीधे 10 साल के लिए 930 से 940 ईसवीं तक हज रद हुआ। बताया जाता है कि 930 ईसवीं में करमाटियन हमले के चलते ऐसा हुआ। इतिहासकारों का कहना है कि फारसी करमाटियन शासक अबू ताहिर सुलेमान की सेना ने उस वक्त मक्का में मौजूद लगभग 30 हजार हज यात्रियों की हत्या कर लाशों को ज़मज़म कुएं में फिंकवा दिया।

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image: internet

इसके बाद अब्बासी और फातिम ख़लीफ़ा के बीच भयानक जंग हुई, जिसके चलते वर्ष 983 में हज रद कर दिया गया। दोनों खलीफाओं की सियासत की वजह से आठ साल, वर्ष 991 तक हज यात्रा बंद रही। अब्बासियों का इराक और सीरिया पर शासन था, जबकि फातिम का मिस्र पर शासन था।

इसका एक कारण यह भी बताया जाता है कि हमलावर करमाटियन सेना ने ब्लैक स्टाेन भी लूट लिया था। इस ब्लैक स्टोन को जब तक दोबारा हासिल नहीं कर लिया गया, हज रद रहा। फिलहाल, सऊदी सरकार ने ब्लैक स्टोन की हिफाजत में 24 स्पेशल गार्ड समेत कई पुख्ता बंदोबस्त किए हुए हैं।

इससे पहले 967 ईसवीं में भी हज रद हुआ। उस समय घातक प्लेग महामारी से मक्का के हजारों जानवर और लोग मारे गए। फिर कई दशक तक सुकून रहा और दुनियाभर के मुसलमानों की हज की हसरत पूरी होती रही।

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image: Pintrest

अचानक फिर संकट आ गया, इस बार राजनीतिक विवाद की वजह से 1256 से लेकर 1260 तक पांच साल को सऊदी अरब के अलावा किसी दूसरे देश के लोगों को हज करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

सऊदी अरब का राजनीतिक संकट खत्म होने पर हज यात्रा बदस्तूर शुरू हो गई और कई सौ साल कोई बाधा नहीं आई।

फिर 1831 में भारत से शुरू हुआ हुआ प्लेग मक्का पहुंच गया, जिसने तीन चौथाई हज यात्रियों की जान ले ली और हज रद कर दिया गया। इसके बाद हज पर महामारी का संकट 1837 से 1858 के बीच 20 साल तक बना रहा।

इस दरम्यान हज को लगभग तीन बार रोका गया और सात साल तक दूसरे देशों के हज यात्री मक्का नहीं जा सके। साल 1837 में हैजा की विश्व महामारी ने पवित्र शहर मक्का को उदासी से भर दिया।

हैजा की वजह से 1840 तक हज रद हुआ। इसके बाद दो बार 1846 और 1858 में भी हैजा महामारी फैली, जिससे हज यात्रा बाधित हुई।

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