दीदी को एक और झटका, अब दिनेश त्रिवेदी ने साथ छोड़ा

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लखनऊ। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस को झटके मिलने का दौर लगातार जारी है। 7 मार्च को पीएम नरेन्द्र मोदी की कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में रैली के पहले टीएमसी के पूर्व सांसद दिनेश त्रिवेदी ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि दिनेश त्रिवेदी के आने से पार्टी को और मजबूती मिलेगी। उनका आना पार्टी के लिए काफी अच्छा है। दिनेश त्रिवेदी एक परफेक्ट इंसान हैं और अब तक वो गलत पार्टी में थे।

बीजेपी में शामिल होने के बाद दिनेश त्रिवेदी ने पत्रकारों से कहा कि अब बंगाल  में कल्चर से ज्यादा करप्शन की बात होती है। बंगाल के गौरव को फिर से वापस लाने की जरूरत है। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्होंने बीजेपी को परिवार नहीं, कार्यकर्ताओं की पार्टी करार दिया।

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बीजेपी के सोनार बांग्ला के नारे की तारीफ करते हुए दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि हम हमेशा जनता के साथ रहेंगे। हमेशा जनता की बेहतरी के लिए काम करते रहेंगे।

दिनेश त्रिवेदी ने फरवरी महीने में ही बजट सत्र के दौरान राज्यसभा सांसद के पद से त्यागपत्र दे दिया था। उनके त्यागपत्र के बाद से ही सियासी बयानबाजी देखने को मिल रही थी।

कयास लग रहे थे कि दिनेश त्रिवेदी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। आखिरकार शनिवार को दिनेश त्रिवेदी ने बीजेपी का दामन थाम लिया। पिछले साल अप्रैल में उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण की थी। त्रिवेदी ने 1980 में कांग्रेस ज्वाइन की थी। 1990 में जनता दल का दामन थामा था. 1998 में जब ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस का गठन की तो त्रिवेदी भी उनके साथ खड़े थे।

सुवेंदु अधिकारी की तरह दिनेश त्रिवेदी को भी ममता बनर्जी का काफी करीबी माना जाता था।

 

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