पंजाब चुनाव के लिए कांग्रेस ने जारी की उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट, सिद्धू के भतीजे भी लड़ेंगे

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द लीडर | पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। इसमें 23 उम्मीदवारों के नाम हैं। लिस्ट में कई चर्चित चेहरों को जगह दी गई है। कुछ नए चेहरों को मौका दिया गया। कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी के बागी नेता आशु बांगड़ को फिरोजपुर देहात से टिकट दिया है। उनका इस सीट से पहले ही टिकट तय माना जा रहा था। इससे पहले AAP ने भी आशु बांगड़ को फिरोजपुर देहात से टिकट दिया था, लेकिन उन्होंने बगावत कर दी और आप छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए। आशु को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू का करीबी माना जाता है।


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कांग्रेस की दूसरी लिस्ट में 4 सीटिंग विधायकों के नाम शामिल हैं जबकि 4 विधायकों के टिकट काट दिए गए। पार्टी ने पहली लिस्ट में भी अपने 4 विधायकों के टिकट काट दिए थे। इसके अलावा पार्टी ने अभी 4 सीटों पर अपने मौजूदा विधायकों को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है।

दूसरी लिस्ट में कांग्रेस ने बटाला से अश्विनी सेखड़ी, नकोदर से डॉ. नवजोत सिंह दहिया को टिकट दिया है। दूसरी लिस्ट में दो महिलाओं को भी टिकट दिया गया। इनमें मुक्तसर से गांधी परिवार की वफादार रही करण कौर बराड़ के अलावा महल कलां सीट से हरचांद कौर को उम्मीदवार बनाया गया। पार्टी में मजीठा, श्री हरगोबिंदपुर और आदमपुर सीट से उम्मीदवार बदलने की मांग भी उठ रही थी मगर पार्टी की जा रही है।

4 विधायकों का टिकट कटा

पंजाब में पार्टी के 12 विधायकों के टिकट पर तलवार लटक रही थी। दूसरी लिस्ट में इनमें से 4 विधायकों के टिकट काट दिए। इनमें फिरोजपुर देहाती की विधायक सत्कार कौर, लुधियाना जिले की समराला सीट के विधायक अमरीक सिंह ढिल्लों, अमरगढ़ के MLA सुरजीत सिंह धीमान और पटियाला जिले की शुतराणा सीट के विधायक निर्मल सिंह का नाम शामिल है। पार्टी इससे पहले पहली लिस्ट में भी 4 विधायकों की टिकट काट चुकी है।

एक परिवार एक टिकट का नियम दरकिनार

कांग्र्रेस ने चुनाव से पहले एक परिवार एक टिकट का नियम लागू किया था लेकिन दूसरी सूची में इस नियम को दरकिनार कर दिया है। कांग्रेस ने पूर्व सीएम राजिंदर कौर भट्ठल को लहरगागा से उतारा था अब उनके दामाद विक्रम बाजवा को साहनेवाल से उतारा है। हालांकि इसी नियम की वजह से चन्नी के भाई डॉ. मनोहर को टिकट नहीं दिया था। वहीं सिद्धू के भांजे स्मित सिंह को अमरगढ़ से उम्मीदवार बनाया गया है।

चार बार हारे ढिल्लो फिर उम्मीदवार

दीपिंदर सिंह ढिल्लों को डेरा बस्सी से मैदान में उतारा गया है। वह अभी तक चार बार लगातार चुनाव हार चुके हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू उन्हें टिकट देने के खिलाफ थे। क्योंकि उनका कहना था कि जो उम्मीदवार चार बार हार गया, उसे पांचवी बार टिकट देने के मायने क्या हैं? सीएम चरणजीत सिंह चन्नी भी उन्हें टिकट नहीं देना चाह रहे थे। लेकिन, कहा जाता है कि ढिल्लों के दिल्ली दरबार के लिंक काम कर गए।

पूर्व सीएम की बहू को भी टिकट

इसके अलावा, सरदुलगढ़ सीट से पूर्व विधायक अजीत सिंह मोफर के बेटे बिक्रम सिंह मोफर को टिकट मिला है। मुक्तसर साहिब से करण कौर बराड़ को टिकट मिला। वह पूर्व मुख्यमंत्री हरचरण सिंह बराड़ की बहू हैं। समराला से अमरीक सिंह ढिल्लों की जगह राजा गिल को टिकट दिया गया है। जोगिंदर पाल ने अपनी भोआ सीट बरकरार रखी है और गिल से मौजूदा विधायक कुलदीप सिंह वैद को भी पार्टी का टिकट दिया गया है।

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