लालू यादव के 17 ठिकानों पर CBI की छापेमारी, विरोध में धरने पर बैठे RJD कार्यकर्ता

0
150

द लीडर | चारा घोटाला मामले में हाल ही में जमानत पर बाहर आए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव एक बार फिर से मुश्किलों में घिरते दिख रहे हैं. सीबीआई लालू यादव के अलावा उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती के पटना, गोपालगंज और दिल्ली स्थित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. सीबीआई ने ये छापेमारी भ्रष्टाचार के जुड़े मामले की जांच में की है. बताया जा रहा है कि सीबीआई की ये छापेमारी लालू यादव के बतौर रेल मंत्री रहते नौकरी के बदले जमीन लेने के मामले में की जा रही है. सीबीआई को इस मामले में नए सबूत हाथ लगे हैं जिसके बाद ये कार्रवाई की जा रही है.

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, यह छापेमारी ‘रेलवे में नौकरी के बदले जमीन’ घोटाले में की गई है. बताया जा रहा है कि लालू यादव के अलावा उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती के ठिकानों पर भी छापेमारी चल रही है.

73 वर्षीय नेता को हाल ही में चारा घोटाले के पांचवें केस में जमानत मिली है. यह चारा घोटाले का अंतिम केस है, जिनमें उन्हें जमानत मिल चुकी है और वह जेल से बाहर आ चुके हैं. वह लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे हैं.


यह भी पढ़े –सपा के कद्दावर नेता आजम खान करीब 27 महीने बाद जेल से बाहर आए, अखिलेश बोले- झूठ के लम्हे होते हैं, सदियां नहीं


लालू ने डॉक्टर बुलाने की मांग की

छापे के दौरान लालू प्रसाद यादव ने सीबीआई के अफसरों से डॉक्टर बुलाने की मांग की. उन्होंने ने कहा कि मेरी तबीयत ठीक नहीं है आप पहले डॉक्टर को बुला लीजिए. इसके साथ ही 2 वकीलों को भी बुलाया गया था. पटना में राबड़ी देवी से पूछताछ के लिए महिला IPS अफसर भी पहुंची है.

लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने कसा तंज

लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने सीबीआई की कार्रवाई को लेकर तंज कसा है. उन्होंने ट्वीट किया, लालू के रेलवे कार्यकाल में बड़ी लापरवाही हुई, सावरकर के वंशज का आरोप लालू जी ने रेलवे को 90,000 करोड़ का मुनाफा कैसे दिया, जिस लालू ने लाखों युवाओं के लिए रेलवे में भर्ती कैसे निकाली, कुलियों को स्थायी क्यों किया ? उस लालू पर 15 साल बाद छापा मरवाया जा रहा है और आगे भी जारी रहेगा.

क्या है पूरा मामला

दरअसल, ये मामला रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) घोटाले से जुड़ा हुआ है. आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच जब लालू रेलमंत्री थे, उस दौरान जॉब लगवाने के बदले में जमीन और प्लॉट लिए गए थे. CBI ने इसी मामले में जांच के बाद लालू और उनकी बेटी के खिलाफ नया केस दर्ज किया है.

बिहार से भाजपा के सांसद और पूर्व डिप्टी CM सुशील मोदी ने कार्रवाई को लेकर कहा कि लालू के रेल मंत्री रहते भ्रष्टाचार का एक नया तरीका अपनाया गया था. लोगों को रेलवे के डी ग्रुप की नौकरी दी गई और बदले में उनसे पैसे की जगह जमीन ली गई.

राबड़ी आवास पर CBI की 8 सदस्यीय टीम

पटना में CBI की 8 सदस्यीय टीम 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास पर पहुंची. टीम में महिला और पुरुष अधिकारी दोनों ही शामिल हैं. इस दौरान आवास में किसी को भी आने-जाने से रोक दिया गया. टीम दस्तावेजों को खंगाल रही है. पूर्व CM और लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी से पूछताछ की भी खबर है.

पहली सजा 3 अक्टूबर 2013 को हुई

लालू यादव अभी तक चारा घोटाले में सात बार जेल जा चुके हैं. चाईबासा ट्रेजरी से अवैध निकासी के मामले में लालू यादव 3 अक्टूबर 2013 को पहली बार सजा मिलने के बाद जेल गए थे. उन्हें इस मामले में कुल पांच साल की सजा सुनाई गई थी. लेकिन वे तीन साल से अधिक समय तक जेल में रहे थे. उनपर 25 लाख रुपये के जुर्माना भी लगाया गया था. इस मामले उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी.

दूसरी सजा 6 जनवरी 2018 को हुई

सीबीआई कोर्ट ने देवघर ट्रेजरी मामले में लालू यादव को साढ़े तीन साल की कैद की सजा सुनाई थी. लालू यादव पर देवघर ट्रेजरी से 89.27 लाख रुपये की अवैध निकासी का आरोप लगा था.

तीसरी सजा 23 जनवरी 2018 को हुई

चारा घोटाले से जुड़े चाईबासा ट्रेजरी मामले में सीबीआई कोर्ट ने लालू यादव को पांच साल की कैद और 10 लाख रुपये जुर्माना लगाया था. उनपर चाईबासा ट्रेजरी से 33.67 करोड़ रुपये कि अवैध निकासी का आरोप लगा था.


यह भी पढ़े –भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने औरंगाबाद में स्थित मुगल बादशाह औरंगजेब के मकबरे को पांच दिन के लिए किया बंद, मनसे ने दी थी धमकी


चौथी सजा 15 मार्च 2018 को हुई

सीबीआई अदालत ने दुमका ट्रेजरी से 3.13 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के आरोप में लालू यादव को पीसी एक्ट और आइपीसी एक्ट में दोषी करार दिया था. सीबीआई कोर्ट ने लालू यादव को सात-सात साल की अलग-अलग कैद की सजा सुनाई थी. कोर्ट ने लालू यादव पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था.

पांचवी सजा 21 फरवरी 2022 को हुई

लालू यादव को डोरंडा ट्रेजरी से अवैध निकासी करने के आरोप में सीबीआई के विशेष अदालत ने इसी साल 21 फरवरी को पांच साल की कैद के साथ उनपर 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था.

(आप हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)