BJP MP संगमलाल गुप्ता को भीड़ ने दौड़ाकर पीटा

महामारी की शुरुआत में अचानक देशव्यापी लॉकडाउन होने से बदहवास मजदूरों के घर वापस लौटने का मजाक उड़ाने वाले उत्तरप्रदेश में प्रतापगढ़ से भाजपा सांसद संगमलाल गुप्ता को आज भीड़ ने दौड़ा-दौड़ाकर जमकर पीटा। भीड़ ने उनकी गाड़ी को भी चकनाचूर कर दिया, जैसे-तैसे वे छुपते-छुपाते जान बचाकर भागे। भाजपा सांसद का आरोप है कि पीटने वाले कांग्रेस कार्यकर्ता थे। पिटाई का वीडियो वायरल हो गया है। जिस पर सियासी गलियारे में गहमागहमी और तंजकशी का माहौल है। (BJP MP Sangamlal Beaten) 

जनसत्ता की खबर के अनुसार, भाजपा सांसद संगमलाल गुप्ता ने बताया कि वह प्रतापगढ़ के सांगीपुर ब्लॉक में एक सरकारी कार्यक्रम में पहुंचे थे। वहां से कुछ लोग पहले से ही मौजूद थे जो पहुंचते ही मारपीट करने लगे। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके समर्थकों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया।

सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर भाजपा सांसद को पीटे जाने पर पुलिस हरकत में आई और मौके पर मौजूद पुलिस बल ने बीच बचाव किया। इस दौरान सांसद की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी और उनके समर्थकों ने यह हमला किया है।

संगमलाल भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव भी हैं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने घटना के बाद ट्वीट कर कहा कि उनपर हमला करने वाले गुंडों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

भाजपा सांसद सांगीपुर ब्लॉक में आयोजित गरीब कल्याण मेले (सरकारी कार्यक्रम) में पहुंचे थे। उन्होंने कहा, ‘मैं दो ब्लॉक का कार्यक्रम करके सांगीपुर पहुंचा। पहले से 50-60 लोग मंच पर बैठे थे। वे एक इंस्पेक्टर को मारने लगे। हमने पूछा कि ऐसा क्यों कर रहे हो तो हमें भी पीटने लगे। सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह बचाया। हमारी गाड़ी छतिग्रस्त कर दी गई। दौड़ा-दौड़ाकर हमें पीटा गया।’ (BJP MP Sangamlal Beaten)

बताया जा रहा है कि प्रतापगढ़ के सांगीपुर ब्लॉक में गरीब कल्याण मेले में कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी को मुख्य अतिथि बनाया गया था। बाद में भाजपा सांसद को मुख्य अतिथि घोषित कर दिया गया। जब वह मंच पर पहुंचे तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। जवाब में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी नारे लगाए। इसके बाद नौबत हाथापाई तक आ गई। अब कांग्रेस और भाजपा के नेता एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।

भाजपा सांसद पर हुए हमले पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने ट्वीट किया और कहा कि भाजपा की सरकार में सरेआम हिंसा को प्रोत्साहन दिया गया। आज उसी का खामियाजा उनके ही विधायक और सांसद भुगत रहे हैं। भाजपा सरकार अपने ही जनप्रतिनिधियों को सुरक्षा नहीं दे पा रही है।

लॉकडाउन में मजदूरों की मुसीबत का उड़ाया था मजाक

याद हो, महामारी के पांव पसारने के बाद लॉकडाउन के चौथे चरण के समय जब काम छूटने और भूखे-प्यासे सड़कों पर बेहाल होकर घरों को लौट रहे थे, तब भाजपा सांसद संगम लाल गुप्ता ने खासा असंवेदनशील बयान दिया था। तब उन्होंने कहा, ‘भीड़ को ध्यान से देखिए, इनमें एक भी मजदूर नहीं लगता। प्रवासी मजदूर तो कब के अपने गांव लौट चुके हैं। ये वो लोग हैं, जो गर्मी की छुट्टियां मनाने के लिए ट्रेन यात्रा करने आए थे।’ (BJP MP Sangamlal Beaten)

मुंबई के कांदिवली इलाके में प्रतापगढ़ और जौनपुर जाने वाले मजदूरों की ट्रेनें कैंसिल होने के बाद सांसद संगमलाल ने यह बयान दिया था। उस वक्त उन्होंने प्रवासी मजदूरों के बारे में यह भी कहा, जब दो महीने में इन्हें कोरोना वायरस का कोई संक्रमण नहीं हुआ, तो आगे समझ लें कि इन्हें कुछ नहीं होगा।

उत्तरप्रदेश बॉर्डर पर प्रवासी मजदूरों की बसें रोक दिए जाने को लेकर तब संगम लाल ने कहा था, ‘कांग्रेस को कुछ काम नहीं है, बस बैठे-बैठे राजनीति कर रही है, कांग्रेस इसमें बेवजह बाधा डाल रही है।’

संगमलाल जब इस तरह के बयान दे रहे थे, उस वक्त मजदूरों के लिए हालात बहुत नाजुक थे। लॉकडाउन के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे प्रवासी मजदूरों का गुस्सा भड़कने लगा था। पुलिस ने जहां-तहां उनको न सिर्फ रोका, बल्कि कहीं मुर्गा बनाकर पीटा, कहीं बदसलूकी की गई। इस अफरातफरी के माहौल में तमाम ऐसी दुर्घटनाएं हुईं, जिससे सबका दिल दहल गया था।


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