कारगर हैं या नहीं, सिर्फ यह जानने को पाकिस्तान में प्रदर्शनकारियों पर दाग दिए गए 1000 आंसू गैस के गाेले

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कोई सरकार इतने वाहियात इरादे से अपने ही देश की जनता के साथ सिर्फ इसलिए क्रूरता दिखाए कि उसे अपने हथियार जांचने हैं! ऐसी सरकार तरक्की के काैन से रास्ते पर चल रही होगी?

पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने कुछ ऐसा ही कारनामा किया है।

बात यहां के गृहमंत्री शेख राशिद अहमद के मुंह से ही निकली है, जिसमें उन्होंने कहा, ”प्रदर्शनकारियों पर 1000 आंसू गैस के गोले परीक्षण करने को दागे गए।”


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घटना बीते सप्ताह की है, जब वेतनवृद्धि की मांग पर सरकारी कर्मचारी विरोध कर रहे थे। इसी दौरान उनको तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोलों की ताबड़तोड़ बौछार कर दी।

पाकिस्तानी न्यूज प्लेटफॉर्म डॉन के अनुसार, आंसू गैस की गोलाबारी पर पाकिस्तान के गृहमंत्री शेख राशिद अहमद ने कहा, “आंसू गैस का परीक्षण करना जरूरी था, क्योंकि यह लंबे समय से प्रयोग में नहीं लाया गया था “।

“केवल एक छोटा सा परीक्षण किया गया था, बहुत कुछ नहीं”, शेख राशिद ने यह भी कहा।

गृहमंत्री अहमद ने कहा कि “वास्तविक समस्या” आंसू गैस की गोलाबारी नहीं, बल्कि वेतन को लेकर है, जो ” जो तंगहाल अर्थव्यवस्था में अरबों रुपये का बोझ है”।

शेख राशिद अहमद ने रावलपिंडी में एक समारोह को संबोधित करते हुए ये टिप्पणी की।


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sheikh rasheed ahmad

इस असंवेदनशील बयान के बाद पाकिस्तानी अवाम तिलमिला उठी। विपक्ष के नेताओं ने भी सरकार को आड़े हाथ लिया है।

पीएमएल-एन के नेता मोहम्मद जुबैर ने कहा, “किसी भी दूसरे देश में इस तरह का बयान मंत्री की पद से छुट्टी हो जाती और सरकार की ओर से माफी मांगी जाती।”

फिल्मकार हारून रियाज ने ट्वीट किया, “फासीवादी, घमंडी मंत्री शेख रशीद, लोगों को मौत के घाट उतारना एक मजाक है?”

पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के चेयरपर्सन बिलावल भुट्टो-जरदारी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) (पीएमएल-एन)  उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने सरकारी कर्मचारियों के विरोध का समर्थन किया है।

मरियम ने एक ट्वीट में सरकार से सरकारी कर्मचारियों के “बेरहम बर्ताव” को रोकने की मांग की है।


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उन्होंने लिखा, ” खुदा के लिए, इस बेरहम अत्याचार को रोकें … मासूम सरकारी कर्मचारियों को आंसू गैस, गोलाबारी और डंडों से पीड़ित न करें। “वे दुश्मन नहीं हैं बल्कि गरीब पाकिस्तानी हैं जो अपने अधिकारों के लिए गुहार लगा रहे हैं।”

इससे पहले रशीद सहित पाकिस्तानी मंत्रियों ने आश्वासन दिया कि सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों को पूरा करेगी।

वहीं, प्रदर्शनकारियों ने दोहराया है कि सरकार को उनके वेतन में वृद्धि मांग पूरी होने की अधिसूचना जारी करनी होगी।

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